नई दिल्ली। कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सोमवार, 24 अगस्त को जारी कर दी गई है। इस लिस्ट के अनुसार राज्य की वोटर लिस्ट से 1.07 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या घटकर 4.46 करोड़ रह गई है।
यहां हम आपको बताते चले कि, ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए ज्यादातर नाम उन लोगों के हैं जो अनुपस्थित मिले या दूसरी जगह चले गए। कुछ नाम डुप्लिकेट, मृत और अन्य (एएसडीडीओ) श्रेणी में रखे गए हैं। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबु कुमार ने बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.22 करोड़ पुरुष, 2.24 करोड़ महिलाएं और 2,871 अन्य मतदाता शामिल हैं। मतदाता अपना नाम मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S10 पर चेक कर सकते हैं।
नाम कटने के बाद कैसे जुड़वाएं?
मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि जिन इलाकों में एएसडीडीओ की संख्या ज्यादा है, वहां एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में मतदाताओं को नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भरने में मदद की जाएगी। अभियान की तारीखों का एलान अभी सीईओ कार्यालय की तरफ से नहीं किया गया है।
इस कड़ी में जानकारी देते चले कि, 43.81 लाख लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। ये नोटिस उन लोगों को भेजे जाएंगे जिनके फॉर्म में लॉजिकल गड़बड़ियां थीं या जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई। चुनाव पंजीकरण अधिकारी को शक होने पर भी नोटिस जारी किया जा सकता है। नोटिस बनाने से भेजने तक की पूरी प्रक्रिया सात दिनों में पूरी होनी है। सुनवाई के दौरान मतदाता का स्वयं उपस्थित होना जरूरी है। बूथ लेवल अधिकारी उस पते पर मौजूद किसी भी व्यक्ति को नोटिस दे सकते हैं। नोटिस में 11 दस्तावेजों में से कोई एक ऑनलाइन जमा करने के लिए क्यूआर कोड भी होगा, लेकिन सुनवाई के लिए केवल मतदाता को ही आना होगा।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कितने मतदाता हैं?
कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी वी. अंबु कुमार के अनुसार, जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कुल करीब 4.46 करोड़ मतदाता शामिल हैं। इनमें लगभग 2.22 करोड़ पुरुष, 2.24 करोड़ महिलाएं और 2,871 अन्य मतदाता हैं।
इस तरह ड्राफ्ट सूची में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से थोड़ी अधिक है। मतदाता अब चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने नाम और मतदान केंद्र से जुड़ी जानकारी की जांच कर सकते हैं।
मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे केवल यह मानकर न चलें कि उनका नाम पहले सूची में था, इसलिए वह अब भी मौजूद होगा। SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट सूची में एक बार अपना नाम जांच लेना बेहतर है।
कुल मिलाकर, कर्नाटक की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं के लिए अब सबसे जरूरी काम अपने नाम की जांच करना है। 1.07 करोड़ नाम हटाए जाने के बीच चुनावी रिकॉर्ड में किसी भी तरह की गलती या छूट से बचने के लिए पात्र मतदाताओं को आधिकारिक पोर्टल और चुनाव कार्यालय की सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए। Form 6, नोटिस और विशेष अभियान से जुड़ी जानकारी का सही इस्तेमाल करके पात्र नागरिक अपने नाम को अंतिम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकते हैं।
