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किसानों की आय को दोगुना करने और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के सरकार के प्रयासों के बीच, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों की मौजूदा आर्थिक परेशानियों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और इसकी मुख्य वजह भारत के भीतर नहीं बल्कि वैश्विक बाज़ार की परिस्थितियाँ हैं।

गडकरी ने कहा कि जब सरकार ने मक्के से बायो-एथेनॉल बनाने की मंजूरी दी तो मक्के की कीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

समाधान: कृषि का विविधीकरण और वैकल्पिक ऊर्जा

गडकरी ने किसानों को राहत दिलाने के लिए कृषि विविधीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब सरकार ने मक्के से बायो-एथेनॉल उत्पादन को मंजूरी दी, तब मक्के की कीमत 1200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2800 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

बता दें कि, लेकिन बायो-एथेनॉल और वैकल्पिक ऊर्जा जैसे समाधानों के सफल प्रयोग यह साबित करते हैं कि यदि कृषि को उद्योग, ऊर्जा और तकनीक से जोड़ा जाए तो न केवल किसानों की आय बढ़ सकती है बल्कि भारत आत्मनिर्भर और प्रदूषण-मुक्त अर्थव्यवस्था की दिशा में भी आगे बढ़ सकता है।

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