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ईरान। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने मिडिल ईस्ट को प्रभावित कर दिया है। इजरायल ने ईरान के तेल भंडारण स्थलों पर हमला किया, जिसके कारण तेहरान और करज में जोरदार धमाके हुए। शनिवार को हुए इन हमलों में तेहरान और अल्बोर्ज प्रांतों के कई तेल स्टोरेज डिपो को निशाना बनाया गया, और सोशल मीडिया पर आग की लपटें दिखाई दीं।

ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने फार्स न्यूज एजेंसी को बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सशस्त्र सेनाएं मौजूदा ऑपरेशन की रफ्तार से कम से कम 6 महीने तक संघर्ष जारी रखने में सक्षम हैं। IRGC ने दावा किया कि उन्होंने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली बेस तथा इनसे जुड़ी 200 से ज्यादा जगहों को निशाना बनाया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के लिए आगे कई सरप्राइज हैं। उन्होंने ईरान के तेल स्टोरेज साइट्स पर हमले के संदर्भ में यह बयान दिया, जिसमें आगे और आश्चर्यजनक कदम उठाने का इशारा किया गया है।

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