नई दिल्ली। भारत के पूर्व मेंटल कंडीशनिंग कोच पैडी अप्टन ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उन्हें सफलता के बजाय असफलता के लिए तैयार किया जाना चाहिए। अप्टन का मानना है कि वैभव की सबसे बड़ी चुनौती मैदान पर बल्लेबाजी नहीं, बल्कि शोहरत, दबाव और बाहरी शोर से निपटना होगी।
आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन कर ऑरेंज कैप जीतने और भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी का सफर तेजी से आगे बढ़ा है। हाल ही में श्रीलंका में चल रही ट्राई-नेशन सीरीज में वे भारत-ए के लिए खेल रहे हैं, जहां उन्होंने कुछ अच्छी शुरुआत की लेकिन बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। पैडी अप्टन ने कहा कि वैभव में बड़े मौकों पर प्रदर्शन करने की मानसिकता पहले से मौजूद है, जिसका प्रमाण आईपीएल में उनके प्रदर्शन से मिलता है।
अप्टन ने स्पष्ट किया कि कोई भी खिलाड़ी हमेशा शानदार फॉर्म में नहीं रह सकता। अगर वे वैभव के साथ काम कर रहे होते तो सबसे पहले उन्हें असफलता के लिए तैयार करते। उनका कहना है कि आईपीएल का शानदार फॉर्म लगातार जारी रहना अवास्तविक है। कम स्कोर, खराब पारियां और उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने की स्थिति को सामान्य मानकर स्वीकार करना जरूरी है। असफलता आएगी ही, सवाल यह है कि वह कितने समय तक चलेगी और खिलाड़ी उससे कितनी जल्दी बाहर निकल पाएगा।
अप्टन ने चेतावनी दी कि ‘अगला सचिन’ या ‘अगला विराट’ कहकर युवा खिलाड़ियों पर बोझ न डाला जाए। कई ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी बाद में सामान्य क्रिकेटरों की भीड़ में खो गए, क्योंकि वे बाहरी अपेक्षाओं, मीडिया, परिवार और आसपास के लोगों के दबाव में उलझ गए। उन्होंने कहा कि वैभव के आसपास ऐसे लोग भी जुट सकते हैं जो अपनी पहचान और फायदे के लिए करीब रहना चाहते हैं। 15 साल की उम्र में यह समझना आसान नहीं होता कि कौन सच्चा मार्गदर्शन दे रहा है।
शोहरत के साथ बढ़ती हैं चुनौतियां
पैडी अप्टन लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम के साथ जुड़े रहे हैं और उन्होंने कई बड़े खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उनका कहना है कि जब कोई खिलाड़ी कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल करता है तो उसके सामने सिर्फ क्रिकेट संबंधी चुनौतियां नहीं होतीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक चुनौतियां भी खड़ी हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन खेल का वास्तविक परीक्षण तब होता है जब खिलाड़ी खराब दौर से गुजरता है। ऐसे समय में मानसिक मजबूती ही उसे आगे बढ़ने में मदद करती है।
वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा चेहरों में शामिल हो चुके हैं। आईपीएल में उनकी उपलब्धियां और भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर उनकी प्रतिभा का प्रमाण है। लेकिन आने वाले वर्षों में उनकी सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वे मानसिक रूप से कितने मजबूत साबित होते हैं।
