नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का गुरुवार को अंतिम दिन है। नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग को लेकर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला है। गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा की पेशकश करते हुए कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। वहीं राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए पूछा कि विरोध कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।संसद के अंदर और बाहर सत्ता और विपक्ष के बीच हंगामा देखने को मिला है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अपने तीस साल के लंबे संसदीय जीवन में उन्होंने ऐसा गैर-जिम्मेदार विपक्ष कभी नहीं देखा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा से लगातार भाग रहे हैं और उनका मुख्य काम सिर्फ तख्तियां लेकर सदन में नारेबाजी करना रह गया है। उन्होंने लोकसभा में कहा कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन और नीट जैसे अहम मुद्दों पर तुरंत चर्चा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जब देश के गृह मंत्री खुद सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं, तो विपक्ष को सदन में बहस से भागना नहीं चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है, मगर विपक्ष का उद्देश्य चर्चा करना नहीं, हंगामा करना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के पास चर्चा का पत्र दे, आज दोपहर तीन बजे से कल दोपहर तीन बजे तक सरकार चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कल विपक्ष के एक-एक सवाल का जवाब देंगे।मकर द्वार के सामने विपक्ष का प्रदर्शन हो रहा है। इंडिया ब्लॉक के सांसद 20 जुलाई को छात्रों पर हुई कार्रवाई और राम मंदिर चंदा चोरी के मामले पर गृह मंत्री शाह से बयान की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सुबह 10.30 बजे मकर द्वार के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाना था। मॉनसून सत्र के आखिरी दिन भी गृह मंत्री शाह के खिलाफ विपक्ष का अभियान जारी रहा।
मकर द्वार पर विपक्ष का प्रदर्शन
मॉनसून सत्र के अंतिम दिन सुबह से ही विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन की तैयारी शुरू हो गई थी। मकर द्वार के सामने करीब 10:30 बजे विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात सामने आई। इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
विपक्ष का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग और उससे जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब सरकार को देना चाहिए। विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाने की कोशिश करता रहा है और गृह मंत्री अमित शाह से इस पर बयान देने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा राम मंदिर चंदा चोरी से जुड़े मामले को लेकर भी विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस मामले में भी संसद के भीतर स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इन मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही गई है।
अमित शाह ने कहा- सरकार हर चर्चा के लिए तैयार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मोदी सरकार संसद में हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है। उनका कहना है कि सरकार सवालों का जवाब देने से पीछे नहीं हट रही, लेकिन विपक्ष का उद्देश्य चर्चा के बजाय हंगामा करना है।
अमित शाह ने विपक्ष से कहा कि वह लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र दे। उन्होंने कहा कि सरकार निर्धारित समय में चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाएगा।
राहुल गांधी का सरकार पर पलटवार
वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार के रुख पर सवाल उठाते हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि विरोध कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।
राहुल गांधी का यह सवाल छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित बल प्रयोग को लेकर विपक्ष की चिंता को दर्शाता है। विपक्ष लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम की जिम्मेदारी और कार्रवाई को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
यह मुद्दा इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया है क्योंकि नीट परीक्षा और पेपर लीक से जुड़े विवादों का सीधा संबंध बड़ी संख्या में छात्रों के भविष्य से है। विपक्ष का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
अब सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही इस बात के लिहाज से महत्वपूर्ण है कि NEET विवाद, छात्रों के प्रदर्शन और अन्य मुद्दों पर सरकार तथा विपक्ष के बीच चर्चा किस स्तर तक पहुंचती है। एक ओर विपक्ष जवाबदेही और स्पष्ट बयान की मांग कर रहा है, वहीं सरकार चर्चा के लिए तैयार होने का दावा कर रही है। ऐसे में मॉनसून सत्र का आखिरी दिन भी राजनीतिक रूप से काफी अहम बना हुआ है।
