नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता योजना है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जो तीन समान किस्तों में 2,000-2,000 रुपये के रूप में सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पहुंचती है। अब तक योजना की 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं, और किसान 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स और पिछले वर्षों के ट्रेंड के आधार पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि 22वीं किस्त फरवरी के अंतिम सप्ताह (24-28 फरवरी) या मार्च 2026 की शुरुआत में जारी हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे फरवरी के अंत या मार्च के मध्य तक बताया जा रहा है, जबकि कई जगहों पर मार्च 2026 को अधिक संभावित माना जा रहा है। उदाहरण के लिए, कुछ प्रमुख समाचार स्रोतों ने कहा है कि यह किस्त मार्च में आने की संभावना है, क्योंकि समय चक्र (चार माह का) और प्रशासनिक प्रक्रियाओं (जैसे आधार सत्यापन, eKYC, लाभार्थी सूची अपडेट) में थोड़ी देरी हो सकती है। हालांकि, होली से पहले आने की उम्मीद भी जताई जा रही है, ताकि किसानों को त्योहार के समय आर्थिक राहत मिल सके।
गौरतलब हैं कि, योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी, और तब से अब तक 9 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है। कुल मिलाकर 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि डायरेक्ट ट्रांसफर की जा चुकी है। प्रत्येक किस्त में लगभग 9-10 करोड़ किसानों के खातों में 2,000 रुपये क्रेडिट होते हैं। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई थी, जिसके बाद अगला चक्र दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक का है। लेकिन फरवरी बीतने के बावजूद देरी के पीछे मुख्य कारण eKYC की अनिवार्यता, आधार-बैंक लिंकेज की जांच, फर्जी लाभार्थियों को हटाना और राज्य स्तर पर डेटा वेरिफिकेशन हो सकते हैं।
इस संबंध में किसानों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते अपनी योग्यता सुनिश्चित करें। योजना के तहत केवल छोटे और सीमांत किसान (2 हेक्टेयर तक भूमि वाले) पात्र हैं। कुछ श्रेणियां जैसे आयकर दाता, पेंशनभोगी (10,000 रुपये से अधिक मासिक पेंशन), सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी आदि इससे बाहर हैं। यदि कोई किसान अभी तक लाभ नहीं ले पा रहा है, तो उसे तुरंत eKYC पूरा करना चाहिए।
