पटना। बिहार के लाखों किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। राज्य के कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि फार्मर आईडी (Farmer ID) न होने के कारण किसी भी पात्र किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की राशि नहीं रोकी जाएगी। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बुधवार को पटना में सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह महत्वपूर्ण घोषणा की। इस फैसले से उन किसानों को विशेष राहत मिली है जो विभिन्न कारणों से फार्मर आईडी नहीं बनवा पाए थे और उन्हें योजना के लाभ से वंचित होने की चिंता सता रही थी।
बता दें कि, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है, जिसमें पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये (तीन किस्तों में 2,000-2,000-2,000 रुपये) सीधे बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से दिए जाते हैं। बिहार में इस योजना के तहत कुल 85.53 लाख किसान लाभार्थी हैं, जिनमें से अब तक 45.18 लाख किसानों का फार्मर आईडी बन चुका है। यह आईडी केंद्र सरकार की AgriStack पहल के तहत बनाई जा रही है, जिसका उद्देश्य किसानों की डिजिटल पहचान बनाना और योजनाओं को अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाना है।
फार्मर आईडी न बन पाने के प्रमुख कारण
राज्य में फार्मर आईडी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बावजूद बड़ी संख्या में किसान इस प्रक्रिया से वंचित रह गए हैं। मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- राजस्व अभिलेखों (जमाबंदी) में नाम दर्ज न होना या गलत होना।
- भूमि बंटवारे (बंटवारा नामा) का अभाव या विवाद।
- नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया में अड़चनें।
- तकनीकी समस्याएं, जैसे ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड न हो पाना या वासुद्हा केंद्रों पर पहुंच की कमी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और दस्तावेजों की अपूर्णता।
यचलते चलते बता दें कि, यह कदम बिहार के किसानों के लिए न केवल आर्थिक राहत है, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा। किसानों को सलाह है कि वे जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनवाएं, क्योंकि लंबे समय में यह अनिवार्य हो जाएगा और अन्य लाभों के लिए भी उपयोगी साबित होगा।
