3 फरवरी 2026 को संसद परिसर में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ हुई टैरिफ डील को बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक सफलता करार दिया। बैठक में पीएम मोदी को एनडीए सांसदों ने जोरदार स्वागत किया, उन्हें फूलों की माला पहनाई गई और ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ तथा ‘जय मोदी’ के नारे लगाए गए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे नए युग की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि आलोचनाओं के बावजूद सरकार ने धैर्य रखा और इसी धैर्य का परिणाम है कि आज यह ऐतिहासिक समझौता संभव हो पाया।
पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि इस समझौते से देश के लिए बेहद सकारात्मक माहौल बना है। उन्होंने जोर देकर कहा, “कुछ लोग आलोचना कर रहे थे, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी और धैर्य बनाए रखा। धैर्य का ही परिणाम निकला कि अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया।” पीएम ने इसे ‘सदी की सबसे बड़ी घटना’ बताया और कहा कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद वर्ल्ड ऑर्डर बदल रहा है और अब दुनिया का झुकाव भारत की ओर है। भारत वैश्विक संतुलन बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
बैठक में पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों को आगाह किया कि चुनावी सफलता मेहनत से मिली है, लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। उन्होंने बजट सत्र की रणनीति पर चर्चा की और सांसदों से सदन में सक्रिय रहने, चर्चा में हिस्सा लेने का निर्देश दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह समझौता भारत की आर्थिक शक्ति, कूटनीतिक क्षमता और वैश्विक प्रभाव का प्रमाण है। उन्होंने नौ ट्रेड एग्रीमेंट्स का जिक्र किया, जिसमें भारत-यूएई, भारत-ब्रिटेन और अब भारत-अमेरिका शामिल हैं। रिजिजू ने इसे ‘नए युग की साझेदारी’ कहा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अब मल्टीपोलर वर्ल्ड में सेंट्रल प्लेयर है। यह डील भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के साथ मिलकर भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करती है। एनडीए सांसदों ने पीएम मोदी को अभिनंदन दिया और इसे ‘भारत की जीत’ करार दिया। बैठक में अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन नबीन जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
कुल मिलाकर, यह डील भारत की कूटनीति और धैर्यपूर्ण दृष्टिकोण की सफलता है। आने वाले दिनों में संसद में इस पर चर्चा होगी और बजट सत्र में इसका असर दिखेगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
