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नई दिल्ली। रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने उनके अदम्य साहस, वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका और शौर्य-पराक्रम की प्रतिमूर्ति रानी लक्ष्मीबाई भारतीय नारी शक्ति का अमर प्रतीक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके संघर्ष और बलिदान को स्वाभिमान एवं राष्ट्रप्रेम की प्रेरणादायी गाथा बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी लक्ष्मीबाई को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना बताते हुए शत-शत नमन किया। उन्होंने उनके सर्वोच्च बलिदान और अद्वितीय शौर्य को भारतीय इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित बताया।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी। सभी नेताओं ने उनके त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका और शौर्य-पराक्रम की प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि रानी लक्ष्मीबाई भारतीय नारी शक्ति का अमर प्रतीक हैं।

रेखा गुप्ता ने कहा कि झांसी की रानी का संघर्ष केवल एक राज्य की रक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि वह देश की अस्मिता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा का अभियान था। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।

वही, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा ने रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की प्रतीक, महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी के बलिदान दिवस पर उन्हें कोटिशः नमन! स्वाधीनता के लिए उनका संघर्ष, त्याग और पराक्रम भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं।

इस कड़ी में बिहार सीएम सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “स्वतंत्रता, साहस और पराक्रम की प्रतीक महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका अद्वितीय बलिदान, शौर्य और स्वाभिमान आज भी प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति के लिए प्रेरित करता है।”

हरियाणा सीएम नायब सैनी ने रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की अमर वीरांगना, अदम्य साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई जी को उनके बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।

1857 के स्वतंत्रता संग्राम की महान नायिका

रानी लक्ष्मीबाई का नाम भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम यानी 1857 की क्रांति के प्रमुख नेताओं में लिया जाता है। उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। बचपन में उनका नाम मणिकर्णिका था, जिन्हें प्यार से ‘मनु’ कहा जाता था।

झांसी के महाराजा गंगाधर राव से विवाह के बाद वे झांसी की रानी बनीं। महाराजा के निधन के बाद अंग्रेजों ने ‘डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स’ नीति के तहत झांसी पर कब्जा करने का प्रयास किया। रानी लक्ष्मीबाई ने इसका डटकर विरोध किया और अंग्रेजी सत्ता के सामने झुकने से इनकार कर दिया।

1857 की क्रांति के दौरान उन्होंने अपने साहस और सैन्य नेतृत्व का परिचय देते हुए अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध का नेतृत्व किया। घोड़े पर सवार होकर युद्धभूमि में लड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई भारतीय इतिहास की सबसे वीर महिला योद्धाओं में गिनी जाती हैं।

रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि पर देशभर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह स्मरण कराया कि भारत की स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान योद्धाओं का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। झांसी की रानी का नाम भारतीय इतिहास में सदैव वीरता, राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में अमर रहेगा।

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