मुंबई। नए कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और चुनिंदा दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेजी की बदौलत बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, आईटी और बैंकिंग सेक्टर की कुछ बड़ी कंपनियों में कमजोरी के चलते बाजार की रफ्तार सीमित रही।
एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी फायदे में रहे जबकि जापान का निक्की 225 नुकसान में रहा।अमेरिकी बाजार शुक्रवार को नकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.23 प्रतिशत फिसलकर 69.51 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहाशेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,366.40 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
शुरुआती कारोबार का हाल
बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 217.61 अंक की बढ़त के साथ 80,817.52 अंक पर खुला। इसी तरह, एनएसई निफ्टी भी 71.55 अंक चढ़कर 24,636.90 अंक पर पहुंच गया। यह बढ़त घरेलू निवेशकों की सकारात्मक धारणा और वैश्विक संकेतकों की मजबूती के चलते आई।
एशियाई बाजारों का रुख
वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में सोमवार को मजबूती का माहौल रहा। हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि, जापान का निकी 225 नुकसान में रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि एशियाई बाजारों की यह मजबूती घरेलू बाजार को भी सकारात्मक रफ्तार देने में सहायक रही
निवेशकों की रणनीति
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख और कच्चे तेल की कीमतें घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। साथ ही, अगस्त महीने में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों के नजरिए को प्रभावित करेंगे।
बता दें कि, सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूती ने निवेशकों को राहत दी है। हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और आईटी व बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी को देखते हुए बाजार की राह आसान नहीं है। वैश्विक संकेतकों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करता है कि आने वाले दिनों में घरेलू शेयर बाजार किस दिशा में आगे बढ़ेगा।