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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जनवरी 2026 को अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें खुद को “वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति” (Acting President of Venezuela) बताया गया है। इस इमेज में ट्रंप को जनवरी 2026 तक इस पद पर “इनकंबेंट” (incumbent) दिखाया गया है, साथ ही उन्हें अमेरिका के 45वें और 47वें राष्ट्रपति के रूप में भी लिस्ट किया गया है।

ट्रंप ने इस घटना के बाद कई बार कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को “अस्थायी रूप से चलाएगा” (run Venezuela) ताकि “सुरक्षित और उचित संक्रमण” सुनिश्चित हो सके। उन्होंने वेनेजुएला के तेल भंडार का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका तेल निकालकर बेचेगा और इससे होने वाली कमाई दोनों देशों के लाभ के लिए इस्तेमाल होगी। ट्रंप ने डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि वे अमेरिकी मांगों पर सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर वे “सही नहीं करतीं” तो उन्हें “बहुत बड़ी कीमत” चुकानी पड़ेगी।

गौरतलब हैं कि, यह घटना जनवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में आए बड़े बदलाव का हिस्सा है। 3 जनवरी को अमेरिकी हमले में मादुरो को कैद कर लिया गया, जिसके बाद देश में अस्थिरता फैल गई। डेल्सी रोड्रिगेज, जो मादुरो की उपराष्ट्रपति और तेल मंत्री थीं, ने पहले मादुरो को “एकमात्र राष्ट्रपति” बताया और अमेरिकी कार्रवाई को “किडनैपिंग” कहा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्होंने पद संभाला और अमेरिका से सहयोग की बात कही, हालांकि उन्होंने संप्रभुता की रक्षा पर जोर दिया।

ट्रंप का यह दावा मजाकिया या प्रचारात्मक लगता है, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और अमेरिकी विदेश नीति पर सवाल उठ रहे हैं। कई देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है, जबकि कुछ ने इसे “रेजीम चेंज” का प्रयास बताया है। वेनेजुएला के तेल भंडार दुनिया में सबसे बड़े हैं, और ट्रंप ने इसे अमेरिकी हितों से जोड़ा है।

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