समाचार मिर्ची

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नई दिल्ली। देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने फरवरी 2026 में पूरे भारत में 32 संस्थानों को फर्जी विश्वविद्यालय घोषित किया है। ये संस्थान बिना किसी वैध मान्यता के संचालित हो रहे थे और इनकी डिग्रियां नौकरी, उच्च शिक्षा या किसी सरकारी/निजी क्षेत्र में मान्य नहीं होंगी। UGC ने छात्रों और अभिभावकों को चेतावनी दी है कि एडमिशन लेने से पहले संस्थान की मान्यता की जांच जरूर करें, अन्यथा उनका समय और पैसा बर्बाद हो सकता है।

UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर 23-24 फरवरी 2026 को अपडेट की गई लिस्ट के अनुसार, ये 32 फर्जी विश्वविद्यालय 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। दिल्ली में सबसे ज्यादा 12 फर्जी संस्थान हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में 4 हैं। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल में 2-2, जबकि अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और राजस्थान में 1-1 फर्जी विश्वविद्यालय हैं। पिछले साल की तुलना में इस साल 10 नए संस्थानों को इस सूची में जोड़ा गया है, जो फर्जी शिक्षा के बढ़ते खतरे को दर्शाता है।

राज्यवार फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची (फरवरी 2026 तक UGC द्वारा घोषित)

  • आंध्र प्रदेश (2): क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डिम्ड यूनिवर्सिटी, गुंटूर (दो अलग-अलग पते पर); बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया, विशाखापत्तनम।
  • दिल्ली (12): ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज (AIIPHS); कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड; यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी; वोकेशनल यूनिवर्सिटी; ADR-सेंट्रिक ज्यूरिडिकल यूनिवर्सिटी; इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग; और अन्य जैसे वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी आदि। (दिल्ली में सबसे ज्यादा मामले हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी में फर्जी शिक्षा के बड़े नेटवर्क को इंगित करता है।)
  • उत्तर प्रदेश (4): गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग (इलाहाबाद); भारतीय शिक्षा परिषद, लखनऊ; नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी; और एक अन्य।
  • पश्चिम बंगाल (2): दो संस्थान (विवरण UGC साइट पर उपलब्ध)।
  • कर्नाटक (2): ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु सहित।
  • केरल (2), महाराष्ट्र (2), पुदुचेरी (2): विभिन्न नामों से संचालित।
  • अरुणाचल प्रदेश (1), हरियाणा (1), झारखंड (1), राजस्थान (1): एक-एक फर्जी संस्थान।

इस कड़ी में UGC ने छात्रों से अपील की है कि एडमिशन से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट (www.ugc.gov.in) (www.ugc.gov.in) पर जाकर संस्थान की मान्यता जांचें। UGC ने ‘फेक यूनिवर्सिटी’ सेक्शन में पूरी लिस्ट PDF और एक्सेल फॉर्मेट में उपलब्ध कराई है। साथ ही, छात्र UGC हेल्पलाइन या ईमेल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।यह कदम एडमिशन सीजन से पहले उठाया गया है, क्योंकि मार्च-अप्रैल में कई संस्थान एडमिशन शुरू करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में फर्जी यूनिवर्सिटी के मामले बढ़े हैं, जो ऑनलाइन शिक्षा और दूरस्थ शिक्षा के नाम पर छात्रों को लुभाते हैं। UGC का कहना है कि ऐसे संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका भविष्य भी खतरे में पड़ जाता है।UGC ने चेतावनी दी है कि फर्जी डिग्री धारकों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है, खासकर सरकारी नौकरियों या विदेशी विश्वविद्यालयों में आवेदन के दौरान।

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