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नई दिल्ली: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग अपने घरों और बगीचों में लगे पौधों की देखभाल को लेकर अधिक सतर्क हो जाते हैं। तेज धूप, बढ़ता तापमान और सूखी हवा पौधों पर सीधा असर डालती है। ऐसे में ज्यादातर लोग यह मान लेते हैं कि गर्मी में पौधों को ज्यादा पानी देना जरूरी है, लेकिन यही सोच कई बार पौधों के लिए नुकसानदायक साबित हो जाती है।
दरअसल, पौधों की जड़ों को सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि ऑक्सीजन भी चाहिए होती है. जब हम बार-बार पानी देते हैं और मिट्टी लगातार गीली बनी रहती है

क्यों खतरनाक है ओवरवॉटरिंग?

अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा पानी देने से पौधे ज्यादा हरे-भरे रहेंगे, लेकिन वास्तविकता इसके उलट है। जब मिट्टी में लगातार नमी बनी रहती है, तो जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। इससे जड़ें कमजोर हो जाती हैं और उनमें फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

ओवरवॉटरिंग के कारण “रूट रॉट” यानी जड़ सड़न की समस्या पैदा होती है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें जड़ें पानी और पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता खो देती हैं, जिससे पौधा धीरे-धीरे मुरझाने लगता है।

गर्मी के मौसम में पौधों की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सही तरीके अपनाकर इसे आसान बनाया जा सकता है। जरूरत से ज्यादा पानी देने के बजाय पौधों की वास्तविक जरूरत को समझना ज्यादा जरूरी है।ओवरवॉटरिंग से बचकर, सही समय पर और सही मात्रा में पानी देकर आप अपने बगीचे को लंबे समय तक हरा-भरा बनाए रख सकते हैं।इसलिए अगली बार जब आप अपने पौधों को पानी दें, तो यह जरूर सोचें कि कहीं आप उनकी देखभाल के नाम पर उन्हें नुकसान तो नहीं पहुंचा रहे।

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