नई दिल्ली। टीएमसी इस समय पूरी तरह से संकट में नजर आ रही है जिन पर ममता को पूरा भरोसा था वो सब पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। वहीं पूर्व राज्यपाल और भाजपा नेता तथागत रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता सायोनी घोष को भाजपा में शामिल न किया जाए। उन्होंने यह अपील उनके पुराने विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर की है, जिसमें शिवलिंग को लेकर टिप्पणी की गई थी।
तथागत रॉय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा में ऐसे लोगों को जगह नहीं मिलनी चाहिए जिन्होंने हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान किया हो। उन्होंने सायोनी घोष के पुराने पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को अपनी विचारधारा और आस्था के प्रति स्पष्ट रहना चाहिए।
सायोनी घोष TMC की सक्रिय नेता रही हैं और बंगाल में युवा चेहरा मानी जाती हैं। हाल ही में उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज़ हुई थीं। इस पर तथागत रॉय ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि ऐसे कदम पार्टी की छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
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तथागत रॉय ने X पर एक पोस्ट में कहा, “बाकी बातों से मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। लेकिन TMC सांसद सायनी घोष ने एक मीम पोस्ट किया था जिसमें शिवलिंग पर कंडोम चढ़ाया हुआ दिखाया गया था। इसने मुझे अंदर तक झकझोर कर रख दिया। मैंने उनके ख़िलाफ कोलकाता के रबींद्र सरोवर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी- लेकिन जैसा कि उम्मीद थी, उसका कोई नतीजा नहीं निकला। फिर उन्होंने TMC के चुनाव प्रचार के दौरान एक गाना गाया, जिसमें कहा गया था कि उनकी आंखों में काबा और दिल में मदीना है। भगवान शिव के वास्ते, उनसे कोई वास्ता न रखें।” तथागत रॉय ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी को टैग किया।
यह विवाद भाजपा की रणनीति और नए चेहरों को शामिल करने की नीति पर सवाल खड़े करता है। बंगाल की राजनीति में भाजपा और TMC के बीच पहले से ही तीखा संघर्ष है, और अगर सायोनी घोष भाजपा में आती हैं तो यह पार्टी के भीतर विचारधारात्मक बहस को और तेज़ कर सकता है।
