नई दिल्ली। आईटी शेयरों में सोमवार को शानदार तेजी देखी गई। टीसीएस के शेयर में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई और यह 2200 रुपये पर पहुंच गया। इंफोसिस के शेयर 4 प्रतिशत चढ़कर 1111 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।एचसीएल टेक के शेयर करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 1232 रुपये पर पहुंच गए। टेक महिंद्रा में करीब 5 प्रतिशत की तेजी आई और यह 1523.20 रुपये पर कारोबार कर रहा था। विप्रो के शेयर 2.40 प्रतिशत चढ़कर 179.57 रुपये पर पहुंचे। कोफोर्ज समेत अन्य आईटी शेयरों में भी उछाल दर्ज की गई।
इस संबंध में जानकारी दे दे कि, आईटी सेक्टर के शेयर अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे हैं। टीसीएस अपने हाई से 52 प्रतिशत नीचे 2200 रुपये पर है। इंफोसिस 48 प्रतिशत गिरकर 1100 रुपये के आसपास और एचसीएल टेक 44 प्रतिशत नीचे 1200 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है।
गौरतलब है कि, कुछ महीने पहले एआई डर से इन शेयरों में भारी गिरावट आई थी, लेकिन टीसीएस के मजबूत नतीजों और एआई से जुड़ी कई डील्स ने तेजी को बल दिया है। कई निवेशक मान रहे हैं कि इस स्तर पर बॉटम बन चुका है, क्योंकि टीसीएस समेत शेयर अपने निचले स्तर से करीब 11 प्रतिशत चढ़ चुके हैं।एक्सपर्ट्स ने टीसीएस के लिए 2500-2600 रुपये और इंफोसिस के लिए 1500-1600 रुपये का टारगेट दिया है।
कई महीनों बाद लौटी सकारात्मक धारणा
आईटी सेक्टर के लिए पिछले कुछ महीने चुनौतीपूर्ण रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव, वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं और तकनीकी कंपनियों के खर्च में संभावित कमी जैसे कारणों से इस सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना हुआ था। कई निवेशकों को आशंका थी कि एआई के तेजी से विस्तार के कारण पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, हालिया कारोबारी सत्र में निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला। मजबूत खरीदारी ने संकेत दिया कि बाजार अब आईटी सेक्टर को लेकर पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक नजरिया अपना रहा है।
क्या TCS में बन गया है बॉटम?
हालिया तेजी के बाद निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या TCS और अन्य आईटी शेयरों में गिरावट का दौर समाप्त हो चुका है और क्या इन शेयरों ने अपना “बॉटम” बना लिया है?
इस सवाल का निश्चित उत्तर देना फिलहाल संभव नहीं है। किसी भी शेयर में एक दिन या कुछ कारोबारी सत्रों की तेजी के आधार पर दीर्घकालिक रुझान तय नहीं किया जा सकता। बाजार की दिशा कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें कंपनी के आगामी तिमाही नतीजे, वैश्विक आईटी खर्च, ब्याज दरों की स्थिति, अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों का प्रदर्शन तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कारोबारी अवसर शामिल हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाली तिमाहियों में कंपनियां लगातार मजबूत प्रदर्शन करती हैं और वैश्विक मांग में सुधार होता है, तो आईटी सेक्टर में सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। वहीं यदि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां कमजोर होती हैं, तो शेयरों में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सोमवार की तेजी ने यह जरूर संकेत दिया है कि लंबे समय से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में खरीदारी लौट रही है। हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि सेक्टर ने पूरी तरह गिरावट से उबरकर नया दीर्घकालिक अपट्रेंड शुरू कर दिया है। आने वाले कारोबारी सत्र और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन ही यह तय करेंगे कि यह तेजी अस्थायी है या फिर आईटी सेक्टर में एक नए सकारात्मक दौर की शुरुआत।
