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नई दिल्ली। आजकल बाजार में उपलब्ध अधिकांश हरी सब्जियों में केमिकल और कीटनाशकों का इस्तेमाल होता है, जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। हरी और ताजी सब्जियां खाने के शौकीन लोग अब बाजार पर निर्भर रहने की बजाय घर की छत का इस्तेमाल कर सकते हैं। लौकी ऐसी सब्जी है जिसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती और यह कम जगह में भी अच्छी पैदावार देती है। इससे बिना मिलावट वाली ताजी और पौष्टिक लौकी मिल सकती है।

छत पर लौकी उगाने के लिए सबसे पहले 15 से 18 इंच साइज का बड़ा गमला या ग्रो बैग चुनें क्योंकि लौकी की जड़ें फैलती हैं। मिट्टी तैयार करने के लिए नॉर्मल मिट्टी में 40 प्रतिशत सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं। इसमें कोकोपीट और नीम खली भी मिलाकर मिश्रण को पौष्टिक बनाएं। इस मिट्टी को गमले में भरकर अच्छी क्वालिटी के हाइब्रिड लौकी के बीज एक इंच गहराई में बो दें और हल्का पानी दें।

लौकी बेल वाली फसल है, इसलिए पौधा बड़ा होने पर रस्सी या लकड़ी से मजबूत मचान बनाएं। पौधे को दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप मिलनी चाहिए। पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूखी लगे, ज्यादा पानी से जड़ें खराब हो सकती हैं।अधिक पैदावार के लिए 3G कटिंग का तरीका अपनाएं। जब मुख्य बेल 7-8 फीट लंबी हो जाए तो उसका आगे का सिरा काट दें। इससे साइड शाखाएं निकलेंगी और उनमें मादा फूल अधिक आएंगे, जिससे बेल लौकियों से भर जाएगी।

सही गमले या ग्रो बैग का करें चयन

छत पर लौकी उगाने के लिए सबसे पहले उचित आकार का गमला या ग्रो बैग चुनना जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम से कम 15 से 18 इंच गहरा और चौड़ा गमला या ग्रो बैग इस्तेमाल करना चाहिए। लौकी की जड़ें अच्छी तरह फैलती हैं, इसलिए छोटे गमले में पौधे का विकास प्रभावित हो सकता है।

गमले के निचले हिस्से में जल निकासी के लिए छेद होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके। इससे जड़ों में पानी जमा नहीं होगा और पौधे को सड़न जैसी समस्याओं से बचाया जा सकेगा।

पौष्टिक मिट्टी तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण

बेहतर उत्पादन के लिए मिट्टी की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सामान्य बगीचे की मिट्टी में लगभग 40 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाएं। इसके अलावा मिट्टी को हल्का और भुरभुरा बनाने के लिए कोकोपीट का उपयोग किया जा सकता है।

नीम खली मिलाने से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और कई प्रकार के हानिकारक कीटों से भी पौधे को सुरक्षा मिल सकती है। इन सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर गमले में भर दें। पौष्टिक मिट्टी पौधे की स्वस्थ वृद्धि और बेहतर फलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कुल मिलाकर, यदि आपके घर की छत पर थोड़ी-सी खाली जगह उपलब्ध है, तो लौकी उगाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। सही गमला, पौष्टिक मिट्टी, गुणवत्तापूर्ण बीज और नियमित देखभाल के साथ आप आसानी से केमिकल फ्री, ताजी और पौष्टिक लौकी की पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। यह न केवल आपके परिवार को स्वस्थ भोजन उपलब्ध कराएगा, बल्कि घर पर जैविक बागवानी का आनंद भी देगा।

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