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नई दिल्ली। ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक हफ्ते तक चलने वाली राजकीय अंतिम विदाई शुरू हो गई है। पूरे देश में गमगीन माहौल है और लोग अपने नेता को नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माउंट रशमोर में हुई सभा को संबोधित करते हुए इस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते का समय इसलिए दिया क्योंकि वे अच्छे लोग हैं। ट्रंप ने आगे कहा कि हमने ईरान को बुरी तरह तबाह कर दिया है। वे समझौता करने के लिए बेताब हैं और बहुत बुरी तरह सुलह करना चाहते हैं।

ट्रंप की इस टिप्पणी पर सभा में जोरदार तालियां बजीं और हल्की हंसी भी गूंजी।खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। खामेनेई पिछले कई दशकों से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। ट्रंप के बयान से अमेरिका के सख्त रुख का संकेत मिलता है।

माउंट रशमोर की सभा में ट्रंप का बयान

माउंट रशमोर में आयोजित समारोह के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका ने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह का समय इसलिए दिया क्योंकि “हम अच्छे लोग हैं।” इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और अब ईरान समझौते के लिए उत्सुक है।

ट्रंप ने अपने भाषण में कहा कि ईरान अब बातचीत और समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। उनके इस बयान के दौरान सभा में मौजूद समर्थकों ने तालियां बजाईं और कई लोगों ने उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया भी दी। हालांकि ट्रंप के इन दावों पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सम्मान में सात दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर झंडे झुकाए गए हैं और देशभर में विशेष श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में नागरिक बड़ी संख्या में अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। धार्मिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों ने खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की है। सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है ताकि अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

28 फरवरी के हवाई हमले में हुई थी मौत

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। इस हमले में उनके परिवार के कई सदस्यों के भी मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। इस घटना के बाद मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया था और कई देशों ने संयम बरतने की अपील की थी।

खामेनेई कई दशकों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और देश की राजनीतिक, धार्मिक तथा रणनीतिक नीतियों पर उनका व्यापक प्रभाव माना जाता था। उनके नेतृत्व में ईरान ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्पष्ट नीति अपनाई थी।

फिलहाल ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जारी हैं और देश शोक की अवधि से गुजर रहा है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने वैश्विक राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान की सरकार इस टिप्पणी पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है या नहीं तथा दोनों देशों के संबंध आगे किस दिशा में बढ़ते हैं।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि दोनों पक्षों की ओर से कोई नया आधिकारिक बयान या कूटनीतिक पहल सामने आती है, तो उसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर ईरान में चल रहे अंतिम संस्कार कार्यक्रम और उससे जुड़े घटनाक्रम के साथ-साथ दोनों देशों के अगले कदमों पर टिकी हुई है।

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