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समाचार मिर्ची

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई का आदेश देने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम को कब्जे में लेना शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास करीब 400 किलो एनरिच्ड यूरेनियम है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है। ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से कहा है कि ईरान को यह यूरेनियम छोड़ना ही होगा। अगर बातचीत से काम नहीं बना तो इसे जबरदस्ती भी लिया जा सकता है।

सीमित और लक्षित ऑपरेशन की रणनीति

राष्ट्रपति ट्रम्प और उनके सलाहकारों का मानना है कि एक सीमित और लक्षित सैन्य ऑपरेशन के जरिए ईरान के यूरेनियम भंडार पर कब्जा किया जा सकता है। इस रणनीति का उद्देश्य एक लंबी और व्यापक युद्ध से बचना है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन यह चाहता है कि यदि सैन्य कार्रवाई होती भी है, तो वह बेहद सीमित समय के भीतर पूरी कर ली जाए। कुछ सूत्रों का दावा है कि ट्रम्प प्रशासन अप्रैल के मध्य तक इस ऑपरेशन को समाप्त करने की योजना बना रहा है, ताकि स्थिति ज्यादा न बिगड़े।

इस रणनीति के पीछे एक बड़ा कारण घरेलू राजनीति भी मानी जा रही है। ट्रम्प के कई सहयोगी उन्हें सलाह दे रहे हैं कि वे लंबे युद्ध में उलझने के बजाय देश के आंतरिक मुद्दों और चुनावी तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करें।

ईरान की प्रतिक्रिया और बयान

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के इन आरोपों और संभावित कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि अधिकांश यूरेनियम मलबे के नीचे दबा हुआ है और उसे निकालने की कोई सक्रिय योजना नहीं है।

ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उनका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और इसका सैन्य इस्तेमाल करने की कोई मंशा नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई देश इस दावे पर पूरी तरह भरोसा नहीं करते।

फिलहाल, राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। लेकिन जिस तरह से सैन्य तैयारियां और बयान सामने आ रहे हैं, उससे यह साफ है कि अमेरिका सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।आने वाले दिनों में यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या फिर यह मामला सैन्य टकराव की ओर बढ़ता है।

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