नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मॉडल और एक्टर ट्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। ट्विषा शर्मा 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। उनकी शादी वकील समर्थ सिंह के साथ मात्र पांच महीने पहले हुई थी।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली शामिल हैं, इस मामले की सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने मामले को ‘एक युवा लड़की की उसके ससुराल में हुई अप्राकृतिक मौत में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत विसंगतियां’ शीर्षक के तहत सूचीबद्ध किया है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने शुरुआती जांच के तरीकों पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सिस्टम पर विश्वास है, लेकिन मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी द्वारा होनी चाहिए। अदालत ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की सराहना की, जिसने दूसरा पोस्टमॉर्टम तुरंत कराने का आदेश दिया था।सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया से संयम बरतने की अपील की और पीड़ित परिवार के बयानों को रिकॉर्ड न करने का आग्रह किया। कोर्ट ने संभावित गवाहों और आरोपियों को मीडिया में बयान देने से रोक लगा दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली भी शामिल हैं। अदालत ने मामले को “एक युवा लड़की की उसके ससुराल में हुई अप्राकृतिक मौत में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत विसंगतियां” शीर्षक के तहत सूचीबद्ध किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उसे न्याय व्यवस्था और जांच एजेंसियों पर भरोसा है, लेकिन इस मामले में स्वतंत्र जांच आवश्यक प्रतीत होती है। अदालत ने विशेष रूप से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की सराहना की, जिसने दूसरा पोस्टमॉर्टम तत्काल कराने का आदेश दिया था।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि किसी भी अप्राकृतिक मौत के मामले में शुरुआती जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और यदि शुरुआत में ही प्रक्रियात्मक त्रुटियां हों तो बाद में न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वतः संज्ञान मामले को निपटा दिया है, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष आगे की राहत के लिए उचित मंच का रुख कर सकते हैं। यदि राज्य सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करती है या अदालत भविष्य में ऐसा आदेश देती है, तो मामले की दिशा बदल सकती है।
इस बीच त्विषा शर्मा की मौत ने देशभर में महिलाओं की सुरक्षा, वैवाहिक प्रताड़ना, दहेज प्रथा और न्याय व्यवस्था की संवेदनशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
