अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावे चोरी मामले की जांच में नया खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चोरी की गई रकम को सिर्फ खर्च नहीं किया गया बल्कि उसे बढ़ाने की कोशिश की गई। आरोपी अनुकल्प मिश्रा और सह-आरोपी अविनाश ने पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया कि चढ़ावे से निकाली गई रकम का हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया। कुछ रकम ब्याज पर भी चलाई गई।
वही, जांच एजेंसियों का दावा है कि पैसों का मनी ट्रेल छिपाने के लिए रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। पैसे पहले इन खातों में भेजे गए और बाद में आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। अब तक 30 बैंक खातों को फ्रीज किया जा चुका है। इन खातों में खाताधारकों की ज्ञात आय से कहीं अधिक लेनदेन पाए गए हैं। बैंक स्टेटमेंट और आयकर रिकॉर्ड की जांच जारी है।
जानकारी देते चले कि, घरों की तलाशी में नकदी, सोने के आभूषण और एक कार बरामद हुई है। अनुकल्प मिश्रा के घर से करीब एक एकड़ जमीन के दस्तावेज भी मिले, जो लगभग 6.7 लाख रुपये में खरीदी गई थी। जांच एजेंसियां इस जमीन की खरीद के स्रोत की भी पड़ताल कर रही हैं।जून के पहले सप्ताह में चढ़ावे चोरी की शिकायत के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की थी। SIT की जांच में गबन के संकेत मिलने पर FIR दर्ज की गई और चढ़ावा गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पास सिस्टम के दुरुपयोग की भी जांच हो रही है। ट्रस्ट ने प्रशासनिक बदलाव करते हुए महंत दिनेंद्र दास के अधिकार बढ़ाए हैं और कुछ डिजिटल आईडी निष्क्रिय कर दी हैं।
