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समाचार मिर्ची

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर विवादों की आंच में घिर गई है। शिवसेना (यूबीटी) के नेता और नासिक शहर उप प्रमुख बाला दराडे द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर दी गई धमकी ने विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) में हलचल मचा दी है। दराडे ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर पर राहुल गांधी की कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि यदि राहुल गांधी नासिक आए, तो उनके चेहरे पर कालिख पोत दी जाएगी। यदि ऐसा नहीं कर पाए, तो उनके काफिले पर पथराव किया जाएगा।


इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लेकिन शिवसेना (यूबीटी) की अधीकृत प्रवक्ता ने अपनी ही पार्टी के उक्त नेता के बयान को उसका निजी बयान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है।
नासिक में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी की शहर इकाई के उप प्रमुख बाला दराडे की उक्त टिप्पणी से विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में टकराव नजर आ रहा है।

कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया


महाराष्ट्र कांग्रेस ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को ऐसे नेताओं पर कार्रवाई करनी चाहिए जो हिंसा की भाषा बोलते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा:

“यह बयान न केवल राहुल गांधी के खिलाफ एक असंवैधानिक धमकी है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर सीधा हमला है। हम उद्धव ठाकरे जी से अपेक्षा करते हैं कि वे ऐसे गैरजिम्मेदार नेताओं पर सख्त कार्रवाई करें।”

सावरकर को लेकर राहुल गांधी का रुख


कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर अपने भाषणों में वीर सावरकर पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने 2022 में एक बयान में कहा था कि सावरकर ने अंग्रेजों से क्षमा याचना की थी और जेल से रिहाई की मांग की थी। इसी कारण उन्होंने उन्हें “माफी वीर” कहा था, जिसे लेकर शिवसेना, भाजपा और कुछ राष्ट्रवादी संगठन बार-बार आपत्ति जताते रहे हैं।

शिवसेना के पूर्ववर्ती गुट और भाजपा सावरकर को राष्ट्रभक्त और महान स्वतंत्रता सेनानी मानते हैं। ऐसे में राहुल गांधी के बयानों को वे बार-बार भारतीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अपमान के तौर पर देखते हैं।

दराडे ने सावरकर की जयंती के अवसर पर एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि हमें गर्व है कि हम वीर सावरकर की जन्मभूमि नासिक में रहते हैं। राहुल गांधी द्वारा सावरकर को माफी वीर कहना अपमानजनक था। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। यदि राहुल गांधी नासिक आते हैं तो हम उनके चेहरे पर कालिख पोत देंगे। यदि हम ऐसा नहीं कर पाए तो हम उनके काफिले पर पथराव करेंगे।

भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि विभिन्न विचारधाराएं एक साथ रहकर काम करती हैं। लेकिन जब असहमति हिंसा या धमकी में बदल जाती है, तो वह लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाती है। राहुल गांधी का विचार चाहे जितना विवादास्पद क्यों न हो, उसे असहमति के साथ चुनौती दी जानी चाहिए, न कि हिंसक धमकियों के साथ।

इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लेकिन शिवसेना (यूबीटी) की अधीकृत प्रवक्ता ने अपनी ही पार्टी के उक्त नेता के बयान को उसका निजी बयान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है।
नासिक में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी की शहर इकाई के उप प्रमुख बाला दराडे की उक्त टिप्पणी से विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में टकराव नजर आ रहा है।

शिवसेना (यूबीटी) ने झाड़ा पल्ला


इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लेकिन शिवसेना (यूबीटी) की अधीकृत प्रवक्ता ने अपनी ही पार्टी के उक्त नेता के बयान को उसका निजी बयान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है।
नासिक में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी की शहर इकाई के उप प्रमुख बाला दराडे की उक्त टिप्पणी से विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में टकराव नजर आ रहा है।

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