उधमपुर। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटड़ा में भवन से भैरव बाबा मंदिर तक जाने वाली रोपवे सेवा को वार्षिक रखरखाव कार्य के लिए 13 जुलाई से 22 जुलाई तक बंद कर दिया है। बोर्ड की आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस दौरान रोपवे का संचालन पूरी तरह स्थगित रहेगा।
रोपवे सेवा 23 जुलाई से फिर से शुरू हो जाएगी। सामान्य दिनों में यह सेवा सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चलती है, जिसमें श्रद्धालु कटड़ा से सांझीछत के बीच लगभग 3 से 5 मिनट में पहुंच सकते हैं। रोपवे का किराया प्रति व्यक्ति लगभग 100 रुपये है और तीन वर्ष या उससे अधिक आयु के यात्रियों के लिए टिकट अनिवार्य है। टिकट ऑनलाइन या ऑफलाइन उपलब्ध हैं।श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे इस अवधि के दौरान यात्रा की योजना बनाते समय रोपवे बंद होने का ध्यान रखें। सेवा बहाल होने के बाद नियमित संचालन फिर शुरू हो जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रोपवे?
माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भैरव बाबा मंदिर भी जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता के दर्शन के साथ भैरव बाबा के दर्शन करने पर ही यात्रा पूर्ण मानी जाती है। ऐसे में भवन से भैरव बाबा मंदिर तक जाने वाली रोपवे सेवा उन श्रद्धालुओं के लिए बेहद सुविधाजनक विकल्प बन चुकी है, जिन्हें पैदल चढ़ाई करने में कठिनाई होती है।
विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं के लिए यह सेवा काफी उपयोगी मानी जाती है। रोपवे के अस्थायी रूप से बंद रहने के दौरान श्रद्धालुओं को भैरव बाबा मंदिर तक पैदल मार्ग का उपयोग करना होगा।
23 जुलाई से फिर शुरू होगी सेवा
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद 23 जुलाई से रोपवे सेवा सामान्य रूप से उपलब्ध रहेगी। सामान्य दिनों में यह सेवा सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित की जाती है।
रोपवे के माध्यम से श्रद्धालु कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बन जाती है। नियमित संचालन बहाल होने के बाद श्रद्धालु पहले की तरह इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटड़ा पहुंचते हैं। ऐसे में बोर्ड का यह अस्थायी निर्णय यात्रियों की दीर्घकालिक सुरक्षा और बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। श्रद्धालुओं के सहयोग से यात्रा व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित होती रहेगी और सेवा बहाल होने के बाद सभी यात्री फिर से रोपवे सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
