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समाचार मिर्ची

मुंबई। हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों में से एक यशराज फिल्म्स (YRF) का स्पाई यूनिवर्स लंबे समय से बॉलीवुड की कमाई और लोकप्रियता का बड़ा स्तंभ माना जाता रहा है। सलमान खान की एक था टाइगर (2012) से शुरू हुई इस यूनिवर्स की यात्रा टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्मों के जरिए आगे बढ़ी। अब दर्शकों की उम्मीदें अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित ‘वॉर 2’ से जुड़ी थीं। लेकिन रिलीज के बाद फिल्म को मिली-जुली और कई मामलों में बेहद नेगेटिव प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं।

‘पठान’, ‘वॉर’ और ‘फाइटर’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए सिद्धार्थ आनंद के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके राजवीर अशर ने सोशल मीडिया पर वॉर 2 को लेकर अपनी कड़ी निराशा व्यक्त की। उन्होंने फिल्म को YRF स्पाई यूनिवर्स की अब तक की “सबसे कमजोर फिल्म” करार दिया।

वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की शुरुआत एक था टाइगर से हुई थी। कबीर खान द्वारा निर्देशित इस फिल्म में सलमान खान और कैटरीना कैफ लीड रोल में थे। इसके बाद टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान, टाइगर 3 और अब वॉर 2 आई। शिव रवैल द्वारा निर्देशित और आलिया भट्ट, शरवरी और बॉबी देओल स्टारर, अल्फा, 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली है। जो कि इसी यूनिवर्स का हिस्सा होगी।

फिल्म की सबसे बड़ी आलोचना इसके कमजोर प्लॉट और खराब वीएफएक्स को लेकर हो रही है। जहां एक ओर ‘वॉर’ और ‘पठान’ जैसी फिल्मों की स्क्रिप्ट और एक्शन सीक्वेंस ने दर्शकों को बांधकर रखा, वहीं वॉर 2 में ना तो कहानी मजबूती से पकड़ बना पाती है और ना ही विजुअल्स दर्शकों को प्रभावित कर पाते हैं।

वॉर 2 का उदाहरण यह साबित करता है कि केवल स्टार पावर और बड़े बजट से फिल्म हिट नहीं होती। दर्शक आज कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। स्पाई यूनिवर्स जैसी फ्रेंचाइज़ी तभी आगे टिक पाएगी जब कहानियों में मजबूती, विजुअल्स में नयापन और इमोशंस में गहराई होगी।

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