कोलकाता। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने पांच विधानसभाओं – पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी – के आगामी चुनावों की तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, इन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव अप्रैल 2026 में विभिन्न तारीखों पर कराए जा सकते हैं, जबकि चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा मार्च के मध्य में होने की संभावना है। यह जानकारी मंगलवार को अधिकारियों द्वारा दी गई, जिससे राजनीतिक दलों और मतदाताओं में चुनावी सरगर्मियां बढ़ गई हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि, वर्तमान में इन पांच विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का 5 वर्षीय कार्यकाल 7 मई 2026 को खत्म होगा। इसी तरह असम का 20 मई, केरल का 23 मई, तमिलनाडु का 10 मई और पुडुचेरी का 15 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। संविधान के अनुसार, विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नए चुनाव कराना अनिवार्य है, ताकि नई विधानसभा का गठन समय पर हो सके। इसलिए चुनाव आयोग ने इन चुनावों को अप्रैल में आयोजित करने की योजना बनाई है, जिससे नए सदन का गठन मई-जून तक हो जाए।
वही यह भी बताते चले कि, चुनाव आयोग ने सभी पांच विधानसभाओं के लिए चुनाव तिथियां एक साथ घोषित करने का निर्णय लिया है। अधिकारी बताते हैं कि मार्च के दूसरे सप्ताह के बाद, यानी मध्य मार्च में कभी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूरा चुनाव कार्यक्रम जारी किया जा सकता है। इसमें नामांकन की तारीखें, नामांकन जांच, नाम वापसी, मतदान की तारीखें, मतगणना और परिणाम घोषणा शामिल होंगी। मतदान विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर होगा, क्योंकि प्रत्येक राज्य की भौगोलिक, प्रशासनिक और सुरक्षा स्थिति अलग है। उदाहरण के लिए, पश्चिम बंगाल जैसे बड़े और विविध राज्य में बहु-चरणीय मतदान की संभावना अधिक है, जबकि केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में एक ही चरण में चुनाव हो सकते हैं।
कुल मिला कर यह चुनाव 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इन राज्यों के परिणाम राष्ट्रीय दलों की रणनीति को प्रभावित करेंगे। फिलहाल राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं – रैलियां, जनसंपर्क, घोषणा-पत्र तैयार करना और कार्यकर्ताओं को संगठित करना। मतदाताओं के लिए यह लोकतंत्र का महापर्व होगा, जहां वे अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।
