कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान बुधवार को संपन्न हुआ। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुल मिलाकर राज्य में 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। टीएमसी और बीजेपी दोनों पक्षों ने अपनी जीत का दावा किया है।
मतदान समाप्त होने के बाद विभिन्न एग्ज़िट पोल जारी किए गए। पी-मार्क एग्ज़िट पोल में टीएमसी को 118-138 सीटें और बीजेपी को 150-175 सीटें मिलने का अनुमान है। मैटराइज़ एग्ज़िट पोल में टीएमसी को 125-140 तथा बीजेपी को 146-161 सीटें दिखाई गई हैं। पीपल्स पल्स के एग्ज़िट पोल में टीएमसी को 178-189 सीटें और बीजेपी को 95-110 सीटें दी गई हैं। चाणक्य स्ट्रेटेजीज़ एग्ज़िट पोल में टीएमसी को 130-140 और बीजेपी को 150-160 सीटें अनुमानित हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बार मुकाबला कड़ा दिख रहा है। बीबीसी बांग्ला के संवाददाता शुभज्योति घोष ने कहा कि एग्ज़िट पोल भले ही अलग-अलग हों, लेकिन ज़मीन पर कड़ी टक्कर साफ़ दिख रही है। उन्होंने एसआईआर (विशेष गहन समीक्षा) के बाद 91 लाख नाम मतदाता सूची से कटने का जिक्र करते हुए कहा कि रिकॉर्ड मतदान इसी के कारण हुआ। लोगों में डर था कि मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया तो आगे अधिकार छिन सकते हैं।
वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई और राजनीतिक विश्लेषक भावेश झा ने भी पहचान की राजनीति और अल्पसंख्यक वोट के प्रभाव पर चर्चा की। झा ने बताया कि 63 सीटों पर अल्पसंख्यक वोट 40 प्रतिशत से अधिक हैं, जहां बीजेपी के लिए चुनौती अधिक है। विशेषज्ञों ने याद दिलाया कि 2021 के चुनाव में एग्ज़िट पोल पूरी तरह गलत साबित हुए थे। अंतिम नतीजे 4 मई को आएंगे।
