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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए तैयारियां चल रही हैं। ममता बनर्जी लगातार चौथी बार तृणमूल कांग्रेस का चेहरा बनकर चुनावी मैदान में उतरी हैं। यदि उनकी पार्टी जीत हासिल करती है तो ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली मुख्यमंत्री बन जाएंगी जिन्होंने अपनी पार्टी को लगातार चार विधानसभा चुनाव जिताए हों।

साल 2011 में ममता बनर्जी ने 34 साल पुराने वामपंथी शासन को सत्ता से बेदखल किया था। इसके बाद वे लगातार तीन बार मुख्यमंत्री चुनी गईं। अब 2026 का चुनाव उनके लिए सबसे कठिन परीक्षा साबित हो सकता है। चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे तथा नतीजे 4 मई को आएंगे।

वरिष्ठ पत्रकार शिखा मुखर्जी के अनुसार, ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सत्ता विरोधी लहर है। उन्हें कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास से जुड़े सवालों का जवाब देना होगा। एसआईआर प्रक्रिया के चलते मतदाता सूची से करीब 63 लाख 66 हजार वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि 60.6 लाख वोटरों के नाम अभी जांच के दायरे में हैं। 2021 के चुनाव में राज्य में सात करोड़ 30 लाख 40 हजार रजिस्टर्ड वोटर थे।

तृणमूल कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप भी ममता बनर्जी के लिए चुनौती बन सकते हैं। इनमें पीडीएस स्कैम, कैटल स्मगलिंग स्कैम और टीचर रिक्रूटमेंट स्कैम जैसे मुद्दे शामिल हैं। वरिष्ठ पत्रकार बिश्वजीत भट्टाचार्य के मुताबिक, शहरी इलाकों खासकर कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में इन मुद्दों पर नाराजगी बढ़ी है।

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