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कोलकाता।पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट से 27 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इनमें से केवल 139 मतदाताओं को वोट देने का अधिकार बहाल किया गया है। यह संख्या हटाए गए कुल मतदाताओं का मात्र 0.005 प्रतिशत है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित ट्रिब्यूनलों ने गुरुवार को यह फैसला लिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि इन 139 लोगों को आज वोट देने की अनुमति है। उनके मतदान केंद्रों और रिटर्निंग अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।

SIR की न्यायिक जांच के दौरान राज्य में मतदाताओं की संख्या 7.6 करोड़ से घटकर 6.8 करोड़ रह गई। कुल 34 लाख अपील दाखिल की गई थीं, जिनमें से अब तक केवल 147 का निपटारा हुआ है। 510 अपीलों को अमान्य मानकर खारिज कर दिया गया। हटाए गए आठ नामों को फिर से जोड़ा नहीं जा सकेगा।

गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हो रहा है। बहाल किए गए मतदाताओं में शांतिनिकेतन के विश्व भारती स्टाफ क्लब में वोट डालने वाले 88 वर्षीय सुप्रबुद्ध सेन, उनकी 82 वर्षीय पत्नी दीपा सेन और देखभाल करने वाले चक्रधर नायक शामिल हैं। मुरशिदाबाद जिले के समशेरगंज विधानसभा क्षेत्र में केवल एक मतदाता का नाम बहाल किया गया।अपील खारिज होने पर संबंधित व्यक्ति फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जोड़ने के लिए आवेदन नहीं कर सकते। उन्हें कलकत्ता हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रुख करना होगा।

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