बंगाल।आखिर हमारा समाज ओर देश किस ओर जा रहा हे जहां एक 13 वर्ष की बच्ची के साथ 32 लोगो ने बलात्कार किया ,? डूब मरना चाहिए शासन ,प्रशासन ओर उन लोगों को जिन्होंने ऐसी गंदी औलादों को जन्म दिया । ये तो राजिस्थान स्टेट के एक स्थान की घटना हे
ऐसी घटनाएं देश के हर शहर ,गली मोहल्लों में हो रही है जो पता चल जाता हे वो मीडिया ओर सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंच जाता हे ओर जो नहीं पता चलता ऐसे कुछ मामले धर्म के ठेकेदार, तो कुछ को पुलिस प्रशासन के कुछ नुमाइंदे अपनी नाकामयाबी , ओर कुछ प्रशासन के दबाव के कारण ओर कुछ माता पिता स्वयं समाज में बदनामी के डर से दवा दिए जाते हैं।
यही कारण हे आज बच्चियां चाहे वो किसी भी उम्र की हो अपने घर में भी सुरक्षित नहीं है ।एक बहुत बड़ी चिंता का कारण है। हमारी दुराव छिपाव की पॉलिसी के चलते आज नौबत यहां तक पहुंच गई । अपराधी को फांसी , प्रताड़ना सजा मिलने के बाबजूद अपराध क्यों बढ़ रहे हैं? ये सोचने वाली बात है। गलती कहा हो रही हे ये विचारणीय मुद्दा है? जिसे गंभीरता से लेना होगा , शासन ने हर गली में एक शराब की दुकान खुलवा दी , बच्चे चाहे वो गांव के हो या शहर के हर प्रकार का नशा कर रहे हैं ,घर में माहौल क्या है,माता पिता बच्चों के सामने कैसे रहते हैं इसका भी असर आज की जनरेशन पर पड़ रहा हे ।
मर्यादा, गरिमा ,एक दूसरे का सम्मान ,बहन का आदर सब भूलते जा रहे हैं ।इसी लिए काम वासना हावी हो। रही है । अभी हाल की ही घटना हे एक 12 साल के लड़के ने अपने 4दोस्तों के साथ 7 साल की बच्ची के साथ रेप किया । कितनी शर्म की बात है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी अश्लील वीडियो बच्चों को मानसिक रूप से विकृत बना रहे हे। आर्थिक स्थितियां भी जिम्मेदार हैं ,बहुत से लड़के लड़कियों का अश्लील वीडियो बना कर ब्लैक मेल करके पैसे कमाते हे अपनी इच्छा पूर्ति के लिए । हमारा बड़ा सवाल समाज के उन ठेकेदारों से हे जो विभिन्न प्रकार के संगठन चला तो रहे हैं लेकिन क्या इस गम्भीर स्थिति को संभालने के लिए उनके पास कोई प्लान है । हमारे राजनीति वाज , प्रशासन , शासन में उच्च पदों पर बैठे लोग जो पूरे समाज,देश के संचालन की जिम्मेदारी लिए हुए हे इस विषय पर पुराने घिसे पिटे कानून के ऊपर क्यों डिपेंड है,क्या कोई नईसंशोधित योजना नहीं हे उनके पास ? गली गली ,मोहल्लो मोहल्लों में हैवानियत का तांडव क्या दिखाई नहीं देता ? मानवता को शर्मसार करने वाली दुष्कर्म ही घटनाओं पर शासन कोई कड़ा एक्शन क्यों नहीं लेती ।
हमारा मानना हे 13 साल की बच्ची के साथ हैवानियत जिन जिन दरिंदों ने की है उनको पहले चौराहे पर एक साथ खड़ा किया जाए उसके बाद सबको नपुंशक बना कर माथे पर बलात्कारी लिखवा कर पूरे क्षेत्र में घुमाया जाए जनता पत्थर मारे तो मारने,दिया जाए, उसके बाद बिना ट्रायल फांसी की सजा दी जाए । क्यों कि इन दरिंदों ने उस बेटी की चीखे तक नहीं सुनी ,5 दिन आई सी यू में रहने के बाद उसकी मौत हो गई । यदि ऐसा कड़ा एक्शन ले लिया जाए तो विश्वास मानिए कोई कभी भी ऐसी दरिंदगी करने का ख्याल स्वपन में भी नहीं लाएगा । लेकिन अफसोस हमारा कानून लचीलाहे अभी तो कई प्रक्रियाएं चलेगी ।शासन कड़ा एक्शन लेगा नहीं होटल या घर तोड़ना समस्या का समाधान नहीं है।समस्या की जड़ तक पहुंचना होगा ये उत्पन्न कहा से हो रही है,? ओर क्यों ? वही से सफाई करनी होगी एक बड़ा अभियान चलाना होगा । स्कूलों के टीचर को छोटे बच्चों को नैतिक शिक्षा देना होगा । माता पिता को भी बच्चों के सामने मर्यादा में रहना होगा अच्छे संस्कार ओर सम्मान की भावना बच्चों में विकसित करनी होगी । बच्चे क्या देख रहे हैं उसपर भी नजर रखनी होगा ।नशे की तरफ बच्चा या युवा ना जाए इसपर शासन प्रशासन को लगाम लगानी होगी क्यों कि अधिक अपराध नशा करने के बाद ही किए जाते हैं।कुछ लोगो के पास सोचने के लिए कुछ क्रिएटिव नहीं हे वो यही सोचते है आज किस लड़की को शिकार बनाया जाए ओ। हम बाघ संरक्षण पर काम कर रहे हैं लेकिन अब ऐसा लगता है बालिका संरक्षण पर भी काम करने की आवश्यकता है ।
जिन पर आला कमान की मेहरबानी होती है वही इस पद तक पहुंच पा ते हे , जिनको ग्राउंड रियलिटी ही नहीं मालूम क्या है तो समाधान क्या करेंगे,? आज जांच कर ली जाए कोई फील्ड में आज तक नहीं गया सब ऐसी रूम में बैठ कर कार्यकाल का सुख भोगते हैं और फाइलों में सब चल रहा होता हे । महिला आयोग भी बना हे क्या महिलाओं ओर बालिकाओं के संरक्षण के लिए कोई ठोस योजना बनाई , ओर यदि बनाई भी हे तो फील्ड में क्यों नहीं दिखाई देती । हर महिलाओं ओर बालिकाओं के साथ हो रहीअनैतिक कृत्य की जिम्मेदारी, और समस्याओं के निराकरण की जिम्मेदारी शासन, प्रशासन ओर कानून के साथ ही देश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को लेनी होगी । अन्यथा जंगल राज कायम हो जाएगा बालिकाएँ असुरक्षित माहौल में रहने को विवश होगी । वंदना द्विवेदी एडवोकेट 🙏 प्रदेश अध्यक्ष केसरिया हिंदू वाहिनी, प्रदेश प्रवक्ता सवर्ण समाज अधिकारी कर्मचारी संगठन
