समाचार मिर्ची

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट राजनीति से लेकर खेल तक, सबकुछ आपको मिलेगा तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

समाचार मिर्ची: सबसे तेज़ खबरें, हर पल ताज़ा विश्वसनीय समाचार, हर नजरिए से सही देश-दुनिया की सबसे ताज़ा खबरें खबरें जो आपको बनाए रखें अपडेट तेज और विश्वसनीय खबरें, बस एक क्लिक दूर हर पल की ताज़ी खबर, बिना किसी झोल के खबरें जो आपको चौंका दें, हर बार जानिए हर अपडेट, सबसे पहले और सबसे सही जहाँ सच्चाई और ताजगी मिलती है

नई दिल्ली।जायद सीजन (मार्च से जून) के दौरान किसान तोरई की खेती कर सकते हैं। यह रबी और खरीफ के बीच का समय है, जिसमें नकदी फसलों से अच्छी कमाई संभव है। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखकर विकसित ‘काशी रक्षिता’ वैरायटी तोरई की खेती के लिए उपयुक्त बताई गई है।

‘काशी रक्षिता’ एक उन्नत किस्म है, जिसे भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR) ने विकसित किया है। यह अधिक पैदावार देने वाली और बीमारियों के प्रति सहनशील है। फसल 50-60 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है, जिससे किसान कम समय में नकद आय प्राप्त कर सकते हैं।10 ग्राम ‘काशी रक्षिता’ तोरई के बीज नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSC) के ऑनलाइन स्टोर पर सिर्फ 60 रुपये में उपलब्ध हैं। किसान घर बैठे इन बीजों का ऑर्डर कर सकते हैं।

खेती के लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट या बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त है, जिसमें pH मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। खेत तैयार करते समय गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग करें। बुवाई के बाद समय-समय पर सिंचाई, निराई-गुड़ाई और मचान का सहारा देना जरूरी है। सही देखभाल से कम लागत में अच्छा उत्पादन और मुनाफा हो सकता है। यह फसल घर की छत या बालकनी पर भी उगाई जा सकती है।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version