नई दिल्ली।अमेरिकी B-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बरों ने ईरान की नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना को बुरी तरह तबाह कर दिया है। अब तक 9 ईरानी नौसैनिक जहाज डुबोए जा चुके हैं, जिनमें कुछ बड़े और महत्वपूर्ण जहाज शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि बाकी जहाजों को भी जल्द ही समुद्र की तलहटी में भेज दिया जाएगा। ईरान की नौसेना मुख्यालय को भी ज्यादातर नष्ट कर दिया गया है।
यह हमला ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत किया गया, जो अमेरिका और इजरायल का संयुक्त अभियान है। अमेरिका के B-2 बॉम्बरों ने ईरान के अंडरग्राउंड बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर 2,000 पाउंड के भारी गाइडेड बम गिराए। यह हमला 1 मार्च 2026 को हुआ। सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि की है। सैटेलाइट तस्वीरों में लाल घेरों से चिह्नित ईरान की नौसेना के हिस्सों को बर्बाद दिखाया गया है।ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि 9 जहाज डुबोए गए हैं, जिसमें एक जमरान क्लास कोरवेट गोम में डुबोया गया। ईरान की नौसेना, जो पर्सियन गल्फ और होर्मुज स्ट्रेट में मजबूत मानी जाती थी, अब बहुत कमजोर हो गई है। लोग इसे 1941 के पर्ल हार्बर हमले जैसा दर्द बता रहे हैं, जब जापान ने अमेरिकी नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया था।
