नई दिल्ली। भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय कार्यक्रम है, जहां सरकार की इंडिया एआई मिशन के तहत विभिन्न एआई टूल्स और प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस समिट में एआई की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया है कि यह बड़े किसानों के साथ-साथ छोटे और सीमांत किसानों की भी मदद कर रहा है। सत्रों जैसे “एआई फॉर स्मार्ट एंड रेजिलिएंट एग्रीकल्चर” और “केसबुक ऑन एआई एंड एग्रीकल्चर” में एआई द्वारा मिट्टी परीक्षण, फसल रोग पहचान, सिंचाई के लिए जल संरक्षण और फसल उत्पादकता बढ़ाने पर चर्चा हुई।
एआई टूल्स छोटे किसानों को मिट्टी की स्थिति, मौसम, कीट-रोग और बाजार मूल्यों की रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे पारंपरिक लैब टेस्ट पर निर्भरता कम हो रही है जो पहले हफ्तों लगते थे। महाराष्ट्र की महाविस्तार-एआई प्लेटफॉर्म, जो मई 2025 में लॉन्च हुई, एक एआई आधारित बातचीत प्लेटफॉर्म है। इसने 22 लाख से अधिक किसानों को व्यक्तिगत फसल सलाह दी है। किसान हिंदी या स्थानीय भाषाओं में फोन पर बात करके मिट्टी की स्थिति, मौसम, कीट-रोग और बाजार मूल्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह ऑफलाइन काम करता है और फीचर फोन पर भी उपलब्ध है, जिससे इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ती।
बीक्रॉप एआई प्लेटफॉर्म (बायोम मेकर्स) मिट्टी के सैंपल का विश्लेषण करके पोषक तत्वों की कमी, संभावित रोग और मिट्टी स्वास्थ्य पर पूर्वानुमान देता है, जिससे फसल गुणवत्ता सुधारती है और रासायनिक उपयोग कम होता है। क्रॉपस्कैन स्मार्ट फार्मिंग आईओटी तकनीक एक हैंडहेल्ड एआई डिवाइस है जो फसल डायग्नोस्टिक्स और पोषक तत्व पता लगाता है। किसान फोन या छोटे डिवाइस से फसल की फोटो लेकर रोग, पोषक कमी या कीट पहचान सकते हैं। यह ऑफलाइन काम करता है, स्थानीय भाषाओं में सलाह देता है और फसल नुकसान को कम करने में तत्काल कार्रवाई संभव बनाता है।
