कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसलिए चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। अप्रैल के अंत तक मतदान प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है और वोटिंग का समय अप्रैल-मई 2026 (संभावित) माना जा रहा है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जहां बहुमत का आंकड़ा 148 है।
इलेक्शन कमीशन जैसे ही विधानसभा चुनाव की घोषणा करता है, उसी समय पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct – MCC) लागू हो जाती है। आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार किसी भी जनकल्याणकारी योजना को लागू नहीं कर सकती। सरकार राज्य में काम करने वाले अधिकारियों को कोई निर्देश नहीं दे सकती। सभी राज्य सरकार के अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के अधीन आ जाते हैं और केवल उसके आदेश पर काम करते हैं। नई घोषणाओं, वित्तीय लाभों या उद्घाटनों पर रोक लग जाती है। प्रशासनिक नियंत्रण में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले तथा तैनाती का सीधा नियंत्रण चुनाव आयोग के पास चला जाता है। सरकारी विज्ञापनों और होर्डिंग्स को तुरंत हटाया जाता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 10 मार्च को कोलकाता में कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में कराना प्राथमिकता है। हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कानून का राज बिना किसी डर या पक्षपात के लागू होगा। चुनाव आयोग ने पहले ही 480 कंपनियां CAPF बंगाल भेज दी हैं और केंद्रीय बलों का रूट मार्च 14 मार्च तक पूरा करने का निर्देश दिया है। संवेदनशील जिलों जैसे उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में अधिकतम तैनाती होगी।
