मॉस्को। ,अमेरिकी मीडिया कंपनी पोलिटिको ने रिपोर्ट दी है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दूत किरिल दिमित्रीएव ने पिछले सप्ताह मियामी में ट्रंप प्रशासन के दूतों स्टीव विटकोफ और जेरेड कुश्नर से मुलाकात में प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव के अनुसार, यदि अमेरिका यूक्रेन को रूस के बारे में खुफिया जानकारी देना बंद कर दे तो रूस ईरान के साथ खुफिया जानकारी साझा करना रोक देगा, जिसमें मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सटीक निर्देशांक शामिल हैं। यह प्रस्ताव अमेरिका ने ठुकरा दिया। रिपोर्ट दो लोगों के हवाले से है जो अमेरिका-रूस वार्ताओं से परिचित हैं।
क्रेमलिन ने इस रिपोर्ट का खंडन किया है। किरिल दिमित्रीएव ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर रिपोर्ट को फेक बताया। रूसी विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ संवेदनशील खुफिया जानकारी साझा करने संबंधी द वाशिंगटन पोस्ट की एक अलग रिपोर्ट का भी खंडन किया। यह प्रस्ताव यूक्रेन पर रूस के 2022 फरवरी में आक्रमण के बाद अमेरिका द्वारा यूक्रेन को रूस संबंधी खुफिया जानकारी न देने के संदर्भ में आया है।
यूरोपीय राजनयिकों में इस प्रस्ताव से चिंता बढ़ गई है, क्योंकि वे मानते हैं कि मॉस्को ट्रांसअटलांटिक संबंधों में दरार डालने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव यूरोप-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। क्रेमलिन के खंडन के बाद इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।
