ईरान ने शनिवार रात इजरायल के दक्षिणी शहर डिमोना सहित कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह हमला ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस’ के चौथे चरण की 73वीं लहर के रूप में किया गया। आईआरजीसी ने दावा किया कि हमलों में हाइपरसोनिक फत्ताह मिसाइल के साथ कद्र और एमाद जैसी लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, जिससे इजरायल के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों पर एक साथ हमला किया गया। डिमोना शहर, जहां इजरायल का प्रमुख परमाणु रिएक्टर स्थित है, मुख्य निशानों में शामिल था।
ईरान ने दावा किया कि इन हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए या घायल हुए, जिसमें अकेले डिमोना में दर्जनों मौतें हुईं। आईआरजीसी ने कहा कि हमले सटीक थे और इजरायल की हवाई सुरक्षा व्यवस्था अब टूट रही है, जिससे जंग के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ईरान ने इजरायल के पांच शहरों – डिमोना, बेर शेवा, ईलात, अराद और किर्यात गत – को निशाना बनाया। इसके अलावा अमेरिकी सैन्य अड्डों को भी लक्ष्य किया गया, जिसमें कुवैत का अली अल-सलेम एयरबेस और यूएई के अल-मिनहाद तथा अल-धफरा एयरबेस शामिल हैं। आईआरजीसी ने आरोप लगाया कि इजरायल असली नुकसान छिपाने के लिए पत्रकारों और चश्मदीदों पर दबाव बना रहा है।
इजरायल के अखबार येदिओथ अहरोनोथ ने इसे 28 फरवरी के बाद नागरिकों के लिए सबसे मुश्किल रात बताया। इजरायल की ओर से दावा किया गया कि हमलों में करीब 50 लोग घायल हुए। दर्जनों एंबुलेंस और सैन्य हेलिकॉप्टर घायलों को ले जाने के लिए डिमोना भेजे गए। हिजबुल्लाह ने भी इजरायल के उत्तरी और मध्य हिस्सों पर दबाव बनाया, जिससे इजरायल दो मोर्चों पर लड़ रहा है। आईआरजीसी ने हमलों को पहले से अधिक प्रभावी बताया और कहा कि ईरान थका नहीं है।
