मेरठ से प्रयागराज तक फैले गंगा एक्सप्रेसवे पर वाहन अभी बिना टोल दिए सफर कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के निर्देश के अनुसार, टोल संग्रहण लगभग 15 दिन बाद शुरू किया जाएगा। फिलहाल यात्री फ्री में इस एक्सप्रेसवे का उपयोग कर पाएंगे।
594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों को जोड़ता है। अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे सभी मौसमों में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है, जिसमें 100 मिलीमीटर मोटी एस्फाल्ट परत और आधुनिक तकनीक जैसे एआई तथा स्विस सेंसर्स शामिल हैं। इससे मेरठ से प्रयागराज की यात्रा का समय लगभग छह घंटे रह जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल दरें पहले ही तय कर ली गई हैं। दोपहिया, तिपहिया और रजिस्टर्ड ट्रैक्टर के लिए 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर, कार-जीप-वैन के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर, हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए 4.05 रुपये, मिनी बस-बस-ट्रक के लिए 8.20 रुपये, भारी निर्माण मशीनरी के लिए 12.60 रुपये और सात या अधिक एक्सल वाले वाहनों के लिए 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर रखे गए हैं।
टोल शुरू होने के बाद संग्रहण दूरी के आधार पर होगा। एक्सप्रेसवे का निर्माण आधुनिक सामग्री से पूरा किया गया है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में उद्योग, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देना है।
