कोलकाता।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजे जारी हो गए हैं। विभिन्न सर्वे में बीजेपी पश्चिम बंगाल और असम में सरकार बनाती दिख रही है। पोल ऑफ पोल में बीजेपी की बढ़त नजर आ रही है।एक लेटेस्ट एग्जिट पोल ने चौंकाया है, जिसमें अकेले टीएमसी को 294 सदस्यीय विधानसभा में सीटों का अनुमान दिया गया है। टीएमसी कार्यकर्ता एग्जिट पोल के बाद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि रातभर जागते रहें और बीजेपी आखिरी खेल खेल सकती है।
वरिष्ठ भाजपा नेता अमित मालवीय ने मतदान में हुई वृद्धि को हिंदू वोटों के एकीकरण का संकेत बताया। उन्होंने दूसरे चरण के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह ममता बनर्जी और टीएमसी के खिलाफ जनभावना में बदलाव दर्शाता है। भाजपा शनिवार को कोलकाता में उच्चस्तरीय बैठक करने जा रही है।केरल के एग्जिट पोल में यूडीएफ की जीत की संभावना जताई गई है, जबकि अन्य राज्यों में भी सरकार बनाने को लेकर चर्चा जारी है। मतगणना से पहले ये नतीजे राजनीतिक हलचल बढ़ा रहे हैं।
बंगाल में कांटे की टक्कर, पोल ऑफ पोल में बीजेपी आगे
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनावों के बाद सामने आए “पोल ऑफ पोल्स” में बीजेपी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। कई सर्वे एजेंसियों के औसत आंकड़ों के आधार पर यह संकेत मिलता है कि राज्य में इस बार मुकाबला बेहद करीबी है।
हालांकि, एक ताजा एग्जिट पोल ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। इस सर्वे में टीएमसी को अकेले बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। यह अनुमान दर्शाता है कि ग्रामीण और महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार चुनाव में स्थानीय मुद्दों, कल्याणकारी योजनाओं और नेतृत्व की विश्वसनीयता ने अहम भूमिका निभाई है।
पश्चिम बंगाल, असम और केरल के एग्जिट पोल ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। जहां बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ा मुकाबला नजर आ रहा है, वहीं असम में बीजेपी और केरल में यूडीएफ को बढ़त मिलने के संकेत मिल रहे हैं।अब सबकी नजरें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह सस्पेंस खत्म होगा और जनता का असली जनादेश सामने आएगा। तब तक एग्जिट पोल के ये आंकड़े राजनीतिक बहस और रणनीतियों को दिशा देते रहेंगे।
