नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सरकार बनाने जा रही है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी के सपने को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की चुनावी सफलता को पटना से कोलकाता तक पहुंचाया। इस उपलब्धि को पार्टी ने प्रधानमंत्री के ‘भगीरथी प्रयास’ का नतीजा बताया है।
बिहार चुनाव में एनडीए की क्लीन स्वीप के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल को मिशन बनाया। उन्होंने बिहार की जीत को विकास की जीत बताते हुए संकेत दिया कि पटना की जीत की धारा अब बंगाल की ओर मुड़नी चाहिए। बंगाल चुनाव प्रचार में पीएम मोदी ने गंगा पर खास फोकस रखा और 15 से अधिक रैलियां व रोडशो किए।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों में अंग, बंग और कलिंग का जिक्र प्रमुख रहा। उन्होंने पूर्वी भारत की रणनीति के तहत बंगाल को विकास का इंजन बनाने पर जोर दिया। ‘लुक ईस्ट’ से ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में बंगाल को महत्वपूर्ण कड़ी बताया। मोदी ने बंगाली संस्कृति से जुड़ने के लिए मंदिरों में दर्शन किए, स्थानीय मुद्दों को उठाया और केंद्र की योजनाओं का जिक्र किया। उनका नारा ‘पाल्टानो दोरकार, चाई बीजेपी सरकार’ युवाओं और महिलाओं के बीच प्रभावी रहा। 4 मई 2026 को आए नतीजों ने बंगाल की राजनीति में नया अध्याय शुरू किया है।
बिहार से शुरू हुई रणनीति
विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा की इस सफलता की नींव बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के साथ ही रख दी गई थी। बिहार में ‘क्लीन स्वीप’ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संकेत दिया था कि विकास की यह लहर अब पूर्वी भारत के अन्य राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल तक पहुंचेगी।
पटना में जीत के बाद भाजपा नेतृत्व ने बंगाल को ‘मिशन मोड’ में लिया। पार्टी ने न केवल संगठनात्मक स्तर पर मजबूती लाई, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक और सांस्कृतिक रणनीति भी तैयार की। यही कारण रहा कि बिहार की जीत को एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना गया, जिसने बंगाल में भाजपा की संभावनाओं को नया आयाम दिया।
सांस्कृतिक जुड़ाव और स्थानीय मुद्दे
भाजपा ने इस बार केवल राजनीतिक मुद्दों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए, स्थानीय परंपराओं को सम्मान दिया और अपने भाषणों में बंगाली भाषा व संस्कृति का उल्लेख किया।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य के प्रमुख स्थानीय मुद्दों—जैसे रोजगार, उद्योग, बुनियादी ढांचा और कानून-व्यवस्था—को भी प्रमुखता से उठाया। केंद्र सरकार की योजनाओं, जैसे आवास, शौचालय, स्वास्थ्य और किसान योजनाओं का भी प्रचार किया गया।
पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह जीत केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति में बदलते रुझानों का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने बिहार से शुरू हुई जीत की धारा को बंगाल तक पहुंचाया और एक नया राजनीतिक अध्याय रच दिया।
‘भगीरथ प्रयास’ की इस कहानी ने यह दिखा दिया है कि रणनीतिक सोच, मजबूत नेतृत्व और जमीनी जुड़ाव के जरिए कठिन से कठिन राजनीतिक लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। अब देखना होगा कि यह नई राजनीतिक धारा आगे किस दिशा में बहती है और देश की राजनीति को किस तरह प्रभावित करती है।
