नई दिल्ली।भारतीय राजनीति में चुनावी जीत और हार का असर केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव देश के कई संवैधानिक पदों के चुनावों पर भी पड़ता है। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सत्ता बरकरार रखी। अब पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार जैसे बड़े राज्यों में मिली चुनावी सफलताओं ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बीजेपी और NDA की स्थिति को काफी मजबूत कर दिया है।
लेकिन महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में NDA की मजबूत जीत ने स्थिति बदल दी है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी के विधायकों की संख्या 77 से बढ़कर 207 हो गई है। महाराष्ट्र में NDA के विधायक 150 से बढ़कर 237 और बिहार में 125 से बढ़कर 202 हो गए हैं।
राष्ट्रपति चुनाव में संसद सदस्यों के वोट की वैल्यू बराबर होती है, जबकि विधायकों की वैल्यू राज्य की जनसंख्या (1971 की जनगणना) पर निर्भर करती है। बड़े राज्यों में विधायकों के वोट की अधिक वैल्यू होने से NDA को 2027 के राष्ट्रपति चुनाव में साफ बढ़त मिलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र, बंगाल और बिहार सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
