जमुई: लोग पारंपरिक खेती छोड़कर नकदी खेती की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में मशरूम उत्पादन काफी लोकप्रिय हो रहा है, जिससे अच्छी आय हो रही है। जमुई के शिवेंदु कुमार अपने घर पर ही ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन कर अच्छी कमाई कर रहे हैं। उन्होंने कम लागत वाले इस फॉर्मूले को अपनाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया है।
शिवेंदु बताते हैं कि मशरूम उत्पादन के लिए बड़ी लागत की जरूरत नहीं पड़ती। इसे घर के खाली कमरे, बरामदे या छोटे शेड में आसानी से उगाया जा सकता है। पुआल और प्लास्टिक बैग का उपयोग करके आसानी से उत्पादन शुरू किया जा सकता है। कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखने से अच्छी पैदावार मिलती है।
घर पर मशरूम उत्पादन से बदल रही किसानों की तस्वीर
देशभर में किसान अब केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहते। बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और फसलों के दाम में उतार-चढ़ाव के कारण किसान ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जो कम निवेश में अधिक आय दे सकें। इसी कड़ी में मशरूम उत्पादन एक बेहतर विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बिहार के जमुई जिले के रहने वाले शिवेंदु कुमार ने भी इसी अवसर को पहचाना और अपने घर पर ऑयस्टर मशरूम की खेती शुरू कर आज अच्छी कमाई कर रहे हैं।
शिवेंदु की सफलता यह साबित करती है कि यदि सही तकनीक और मेहनत के साथ खेती की जाए तो कम जगह और कम लागत में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उनकी पहल आसपास के किसानों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कम निवेश, कम जगह और अपेक्षाकृत कम समय में तैयार होने वाली फसल होने के कारण यह व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
