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समाचार मिर्ची

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उनसे आग्रह किया कि वे अपने भाषण का कम से कम पांच मिनट का समय एंटी-पेपर लीक बिल की असल खूबियों और विवरणों पर केंद्रित करें।पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने संसदीय कार्यवाही के दौरान विपक्ष के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार का कहना है कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए छात्रों की व्यापक मांगों के जवाब में लाया गया था।

इस संबंध में उन्होंने कहा, “कांग्रेस सदस्यों ने बिल पर बिल्कुल भी बात नहीं की। इसके बजाय वे राजनीति करते रहे। आज हमें उम्मीद है कि राहुल गांधी और अन्य लोग बिल पर बोलेंगे। इतने अहम बिल पर चर्चा चल रही है फिर भी वे गैर-जरूरी मुद्दों पर बात करके ध्यान भटकाने और मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।”रिजिजू ने कहा, “यह बिल छात्रों की मांगों के जवाब में पेश किया गया है और प्रधानमंत्री के बड़े फैसले ने छात्रों में नया आत्मविश्वास जगाया है। अगर कांग्रेस पार्टी के पास परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कोई और सुझाव हैं तो उनका स्वागत है।” उन्होंने विपक्ष से राजनीतिक दिखावे के बजाय सार्थक बातचीत करने को कहा।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “आपने सुना होगा कि प्रियंका वाड्रा ने भी उन मुद्दों पर बात की जो बिल के दायरे से पूरी तरह बाहर थे। विपक्ष के हर सांसद ने असल बिल पर बात किए बिना ही अपनी बात रखी। चूंकि उन्होंने बिल पर बात नहीं की इसलिए आज मुझे उम्मीदें हैं खासकर राहुल गांधी से। मुझे उम्मीद है कि 20 या 30 मिनट के भाषण में वे कम से कम 5 मिनट बिल के बारे में बात करेंगे। इतने अहम बिल पर बात करने से बचना सही नहीं है।”

रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने यह विधेयक छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पेश किया है। उनका कहना था कि ऐसे महत्वपूर्ण कानून पर रचनात्मक चर्चा होनी चाहिए, लेकिन विपक्ष के कई सांसदों ने बिल के प्रावधानों पर विस्तार से बात नहीं की।

रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के सांसदों ने विधेयक के विषय पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी और विपक्ष के अन्य नेता सदन में होने वाली चर्चा के दौरान विधेयक की विषय-वस्तु पर भी अपने विचार रखेंगे।

परीक्षा प्रणाली में सुधार पर केंद्रित है बहस

हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के आरोपों के बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग लगातार उठती रही है। ऐसे में संसद में इस विषय पर हो रही चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकार का पक्ष है कि नया संशोधन विधेयक परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाने और छात्रों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं विपक्ष इस पर अपने सुझाव और आपत्तियां सदन में रख रहा है।

अब लोकसभा में होने वाली आगे की चर्चा पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न राजनीतिक दल इस विधेयक के प्रावधानों पर क्या सुझाव देते हैं और संसद में बहस के बाद कानून के अंतिम स्वरूप में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।

इसके अलावा, रिजिजू ने राहुल गांधी पर अलोकतांत्रिक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी हर तरह की अलोकतांत्रिक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो संसदीय लोकतंत्र में सही बातचीत के माहौल के अनुकूल नहीं है। सभ्य और शालीन भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। हमारे विचार अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन राहुल जिस तरह की अपमानजनक और बहुत ही नीची भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं वह लोकतंत्र और हमारे देश के लिए अच्छा नहीं है।”इस बीच दिन के कामकाज की संशोधित सूची के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने वाले हैं। निचला सदन सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर भी आगे विचार-विमर्श जारी रखेगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह यह प्रस्ताव पेश करेंगे कि परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के मकसद वाले इस विधेयक पर विचार किया जाए और फिर इसे पारित किया जाए।

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