अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करने को तैयार हो गया है। बदले में ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल देगा। ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने अमेरिका के साथ MoU के शुरुआती, गैर-आधिकारिक मसौदे की जानकारी देते हुए यह दावा किया है।ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार, इस मसौदे के तहत अमेरिकी सैन्य बल ईरान के आसपास के इलाकों से हट जाएंगे और नौसैनिक नाकेबंदी हटा ली जाएगी। इसके एवज में ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज स्ट्रेट से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले के स्तर पर बहाल कर देगा।
मसौदे में युद्धपोतों की तैनाती में बदलाव शामिल नहीं है। ईरान-ओमान के साथ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रबंधन पर अभी सहमति नहीं बनी है। मसौदा कहता है कि बिना ठोस सत्यापन के ईरान कोई कदम नहीं उठाएगा। अगर 60 दिनों में अंतिम समझौता होता है तो उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिए बाध्यकारी प्रस्ताव के रूप में मंजूरी दी जा सकती है।
यह MoU फरवरी में शुरू हुए युद्ध के बाद अप्रत्यक्ष बातचीत का नतीजा है, जिसमें पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ अच्छे समझौते की संभावना जताई है।
फिलहाल दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इन वार्ताओं पर टिकी हुई हैं। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है और वैश्विक व्यापार तथा ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है। वहीं यदि बातचीत विफल होती है तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
कूटनीतिक प्रयासों के बीच यह स्पष्ट है कि दोनों देश अब सीधे टकराव के बजाय बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि यह पहल स्थायी शांति और स्थिरता की दिशा में कदम साबित होगी या फिर केवल एक अस्थायी कूटनीतिक प्रयास बनकर रह जाएगी।
