Author: Shweta Sharma

प्लांट केयर टिप्स: गार्डन में नमी बनाए रखने के लिए की जाने वाली मल्चिंग जरूरत से ज्यादा हो जाए तो यह भारी नुकसान पहुंचा सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हद से ज्यादा मल्चिंग से पौधे मर सकते हैं।गार्डन को सुंदर और पौधों को स्वस्थ रखने के लिए मल्चिंग एक लोकप्रिय और प्रभावी तरीका माना जाता है। यह मिट्टी की नमी बनाए रखने और खरपतवार को रोकने में बेहतर काम करती है। हालांकि, किसी भी चीज की अति नुकसानदायक होती है और यह नियम मल्चिंग पर भी लागू होता है। आजकल कई लोग जोश में आकर पौधों के आसपास जरूरत से…

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नई दिल्ली। सरकार किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए हर साल बड़ी राशि खर्च करती है। खाद सब्सिडी कंपनियों को दी जाती है, जिससे बाजार में महंगी खाद किसानों को कम दाम पर मिल पाती है। इससे खेती की लागत कम होती है और फसल उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ता। सरकार यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके जैसी खादों पर सब्सिडी देती है। इनमें सबसे ज्यादा सब्सिडी यूरिया पर है। यूरिया की एक बोरी की असली कीमत करीब 2400 रुपये है, लेकिन किसानों को यह लगभग 265 रुपये में मिल जाती है। बाकी राशि सरकार कंपनियों को सब्सिडी…

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भोपाल। उर्दू ग़ज़ल के प्रसिद्ध शायर डॉ. बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने त्याग और बलिदान के पर्व के दिन फानी दुनिया को अलविदा कहा।उर्दू अदब की रूह माने जाने वाले डॉ. बशीर बद्र पिछले करीब 14 वर्षों से डिमेंशिया की गिरफ्त में थे, जिससे उनकी याददाश्त कमजोर हो गई थी। उनकी पत्नी डॉ. राहत बद्र जब उनके शेर गुनगुनाती थीं तो उनके चेहरे पर खुशी की झलक आ जाती थी। कभी-कभी वे खुद भी मिसरा पूरा करने लगते थे। मुशायरे की याद आने पर वे ‘इरशाद-इरशाद’ कहने लगते थे। बशीर बद्र की शायरी…

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नई दिल्ली। देश में खेती-किसानी का काम पूरी तरह मौसम, बाजार और संसाधनों पर निर्भर करता है। किसानों को हर सीजन में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और कृषि उपकरणों के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है। कई बार समय पर पैसा उपलब्ध नहीं होने के कारण खेती प्रभावित होती है और किसानों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में एग्रीकल्चर गोल्ड लोन किसानों के लिए एक आसान और तेज वित्तीय विकल्प बनकर उभरा है। एग्रीकल्चर गोल्ड लोन की पात्रतायह लोन देश के किसी भी छोटे-बड़े किसान, बटाईदार या खेती से जुड़े बिजनेस शुरू करने वाले व्यक्ति…

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नई दिल्ली। तेज धूप, सूखी जमीन और पानी की कमी का असर खेती पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में ज्यादा पानी वाली फसलों पर निर्भर किसानों को सबसे अधिक चिंता हो रही है। कई किसान अब सूखे मौसम में भी आसानी से टिकने वाली फसलों और पेड़ों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं। कम पानी में अच्छी पैदावार देने वाले सहजन, नींबू, अनार और अमरूद जैसे पेड़ किसानों की पहली पसंद बन रहे हैं। इन पेड़ों को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार लग जाने के बाद ये लंबे समय तक फल देते रहते…

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मुल्लांपुर। राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर क्वालिफायर-2 में जगह बना ली। इस मैच में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 29 गेंदों में 97 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उन्होंने 12 छक्के लगाए। उनकी इस पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 47 रनों से हराया। मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनका फोकस रिकॉर्ड बनाने पर नहीं बल्कि टीम को IPL ट्रॉफी जिताने पर है। शतक से चूकने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें रिकॉर्ड की जानकारी आउट होने के बाद…

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मुंबई।बॉलीवुड के मशहूर सिंगर-कंपोजर विशाल ददलानी अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में रहते हैं। इस खबर में उनके 6 ऐसे विवादों का जिक्र है जिन्होंने देश भर में सुर्खियां बटोरीं। विशाल-शेखर की जोड़ी ने ‘ओम शांति ओम’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’, ‘सुल्तान’ जैसी कई फिल्मों का संगीत तैयार किया है। गौरतलब हैं कि, विशाल ददलानी का नाम पनामा पेपर लीक में सामने आया था, जिसमें उनके और परिवार के सदस्यों के विदेशी निवेश तथा ऑफशोर संपत्तियों के दस्तावेज उजागर हुए। इस मामले में ईडी की जांच भी हुई। साल 2016 में जैन मुनि तरुण सागर के हरियाणा विधानसभा में दिए…

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों को मौसम के उतार-चढ़ाव और बाजार में अचानक दाम गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान यानी पीएम आशा योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसल की मेहनत का पूरा मूल्य यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना है। यहां हम आपको बता दें कि, पीएम आशा योजना मुख्य रूप से तीन रणनीतियों पर काम करती है। पहली है मूल्य समर्थन योजना (PSS), जिसमें बाजार भाव गिरने पर सरकारी एजेंसियां दालों, तिलहनों और खोपरा जैसी फसलों को तय MSP पर सीधे किसानों…

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नई दिल्ली।गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ते ही खेतों में आग लगने की घटनाएं अचानक बढ़ जाती हैं। अक्सर गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बची सूखी नरवाई या डंठल में छोटी सी चिंगारी लगते ही पूरी फसल जलकर खाक हो जाती है। ज्यादातर मामलों में यह आग प्राकृतिक कारणों से नहीं बल्कि इंसानी लापरवाही और छोटी-मोटी गलतियों के कारण लगती है। तेज गर्म हवाएं और लू इन चिंगारियों को तेजी से भड़का देती हैं। इस संबंध में जानकारी दे दें कि, खेतों में आग लगने की सबसे बड़ी वजह फसल कटाई के बाद बची नरवाई या पराली को…

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के बाद अब ओमान को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और यहां किसी एक देश का कब्जा या कंट्रोल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।ट्रम्प ने कहा कि दुनिया के सभी जहाजों को यहां से गुजरने की आजादी होगी। हम इस पर नजर रखेंगे, लेकिन इसे कोई कंट्रोल नहीं करेगा। ईरान इसे कंट्रोल करना चाहता है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है। इस कड़ी में ट्रम्प ने आगे कहा कि ओमान को भी बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो उसे…

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