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समाचार मिर्ची

ढाका। बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा की चपेट में आ गया है। जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के प्रमुख नेता और इंकिलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की सिंगापुर में मौत की खबर फैलते ही देशभर में प्रदर्शन भड़क उठे। इस दौरान ढाका में प्रदर्शनकारियों ने देश के दो प्रमुख मीडिया हाउस – प्रोथोम आलो और द डेली स्टार – के कार्यालयों पर हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।

प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुए, लेकिन जल्द ही हिंसक हो गए। ढाका के शाहबाग चौराहे पर हजारों लोग जमा होकर नारे लगाने लगे। देर रात करीब 11 बजे एक बड़ा जत्था करवान बाजार स्थित प्रोथोम आलो के मुख्य कार्यालय पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने इमारत को घेर लिया, तोड़फोड़ की, फर्नीचर और दस्तावेज बाहर निकालकर आग लगा दी। अखबार के कार्यकारी संपादक सज्जाद शरीफ ने इसे “पत्रकारिता का सबसे काला दिन” करार दिया। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने जानबूझकर मीडिया हाउस को निशाना बनाया, जिससे पत्रकारों को जान बचाकर भागना पड़ा।

बता दें कि, हिंसा केवल मीडिया तक सीमित नहीं रही। प्रदर्शनकारियों ने बंगबंधु स्मारक संग्रहालय को निशाना बनाया, अवामी लीग के कार्यालयों को तोड़ा और कुछ जगहों पर अल्पसंख्यक समुदाय पर हमले की खबरें आईं। चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग पर पत्थर फेंके गए। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने हिंसा की कड़ी निंदा की और 20 दिसंबर को राजकीय शोक घोषित किया।

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