भागलपुर1 बिहार के भागलपुर में रविवार की देर रात गंगा नदी पर बने विक्रमशिला पुल का 133 नंबर पिलर ध्वस्त हो गया। रात करीब 1:10 बजे पिलर के साथ लगा स्लैब पूरी तरह नदी में समा गया। पुल टूटने से नवगछिया और भागलपुर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया है। हादसे की शुरुआत रात 11:33 बजे हुई जब पिलर नंबर 133 अचानक बैठना शुरू हो गया। रात 11:55 बजे तक यह काफी झुक चुका था। सेतु पर तैनात पुलिस ने तुरंत सूचना दी, जिसके बाद भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया एसपी राजेश कुमार ने तत्काल वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस मुस्तैदी के कारण कोई वाहन प्रभावित नहीं हुआ और जान-माल की कोई हानि नहीं हुई
यह पुल 4.7 किलोमीटर लंबा है। इसका उद्घाटन वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था। यह उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे रोजाना हजारों वाहन और एक लाख से अधिक लोग गुजरते हैं। घटना के बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा। भारी वाहनों को भागलपुर शहर में प्रवेश से पहले घोंघा, सबौर, जगदीशपुर और कजरेली जैसे इलाकों में रोका गया है। पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। स्थानीय स्तर पर रखरखाव और मरम्मत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
देर रात हुआ हादसा, बाल-बाल बचे लोग
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत रात लगभग 11:33 बजे हुई, जब पिलर नंबर 133 धीरे-धीरे बैठने लगा। शुरुआत में स्थिति गंभीर नहीं लग रही थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में पिलर का झुकाव तेजी से बढ़ गया। रात करीब 11:55 बजे तक पिलर काफी हद तक झुक चुका था, जिससे पुल पर खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सेतु पर तैनात पुलिसकर्मियों ने समय रहते स्थिति को भांप लिया और तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए रात करीब 1:10 बजे से पहले ही पुल पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। कुछ ही देर बाद पिलर के साथ लगा स्लैब पूरी तरह गंगा नदी में गिर गया।
प्रशासन की इस मुस्तैदी के कारण किसी भी वाहन को नुकसान नहीं हुआ और किसी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है। यदि समय पर यातायात नहीं रोका जाता, तो यह हादसा बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि का कारण बन सकता था।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और नवगछिया के एसपी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत पुल को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही भारी वाहनों को भागलपुर शहर में प्रवेश से पहले ही विभिन्न स्थानों—घोंघा, सबौर, जगदीशपुर और कजरेली—में रोक दिया गया। प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है, ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।
भागलपुर का विक्रमशिला पुल हादसा एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आया है। यह घटना न केवल एक महत्वपूर्ण यातायात मार्ग के ठप होने का मामला है, बल्कि यह देश की बुनियादी ढांचे की स्थिति पर भी सवाल खड़ा करती है। समय रहते उचित कदम उठाए जाएं, तो ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।
