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बिहार में पान की खेती करने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। “पान विकास योजना” के तहत किसानों को अधिकतम 11,750 रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक दो वर्षों के लिए लागू की गई है और इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मगही और देसी पान की खेती को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।

योजना राज्य के 12 जिलों में लागू की गई है, जिनमें समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, मुंगेर, औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, नालंदा, नवादा, सारण और भागलपुर शामिल हैं। प्रत्येक चयनित किसान को प्रति 100 वर्ग मीटर क्षेत्र में पान की खेती के लिए अधिकतम 11,750 रुपये का अनुदान मिलेगा। लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। व्यक्तिगत किसान तथा किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) के सदस्य पात्र हैं। परिवार के केवल एक सदस्य को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। रैयत किसानों को भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र और राजस्व रसीद के आधार पर तथा गैर-रैयत किसानों को एकरारनामा प्रस्तुत करना होगा।

समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड के पतैली, चांदचौर, डढ़िया मुरियारो और चैता गांवों में लगभग दो हजार एकड़ क्षेत्र में पान की खेती हो रही है। जिला उद्यान पदाधिकारी तारिक असलम के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक किसानों को उद्यान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा तथा डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल है। पान को नकदी फसल माना जाता है, जिसकी मांग त्योहारों, पूजा-पाठ और शादी-विवाह के समय बढ़ जाती है।

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