नई दिल्ली।मोदी कैबिनेट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के माध्यम से किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए 2.60 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत पीएम-आशा (PM-AASHA) योजना को 2.60 लाख करोड़ रुपये के साथ जारी रखा जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि बाजार में फसलों की कीमत MSP से नीचे गिरती है तो सरकार हस्तक्षेप कर किसानों को उचित मूल्य दिलाए। बजट का बड़ा हिस्सा दालों, तिलहन और तेल वाले बीजों की खरीद पर खर्च किया जाएगा। सरकार ने खरीद की सीमा को लचीला भी बनाया है, जिससे अधिक से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिल सके।
सरकार का लक्ष्य 2027-28 तक देश को दालों के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। ‘प्राइस सपोर्ट स्कीम’ के तहत अरहर, उड़द और मसूर जैसी दालों की खरीद को वास्तविक उत्पादन के 100 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। इससे किसान इन फसलों की खेती के प्रति आत्मविश्वास महसूस करेंगे और आयात पर निर्भरता कम होगी।
इस निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। सरकार ई-नाम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक वेयरहाउसिंग नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बना रही है, जिससे फसल की बर्बादी कम होगी और किसान अपनी उपज सही समय पर बेच सकेंगे।
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