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चीन की सेना, जिसे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) कहा जाता है, लंबे समय से दुनिया की सबसे गोपनीय सैन्य ताकतों में गिनी जाती है। हाल ही में बीते एक समारोह के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उसने वैश्विक सैन्य पर्यवेक्षकों का ध्यान खींच लिया है। यह घटनाक्रम इस ओर इशारा करता है कि चीन के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (CPC) के महासचिव शी जिनपिंग सेना के भीतर एक और बड़े बदलाव की तैयारी में हैं।

चीन की सेना पर गोपनीयता का पर्दा

चीन की सेना की कार्यप्रणाली और नेतृत्व परिवर्तन हमेशा से रहस्यमय रहे हैं। चीन का राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय इस बदलाव पर पूछे गए सवालों का जवाब देने से बचता रहा है। यहां तक कि मंत्रालय ने भी इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।

वांग कियांग पर क्यों हैं निगाहें?

जनरल वांग कियांग की अनुपस्थिति ने मौजूदा अटकलों को और हवा दी है। वांग का कार्यकाल 2024 की गर्मियों तक था, लेकिन समारोह में उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल हान शेंगयान की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि शायद उन्हें समय से पहले ही हटाया जा रहा है।

चीन की सेना में इस तरह के बदलाव केवल आंतरिक राजनीति का हिस्सा नहीं होते, बल्कि इनका अंतरराष्ट्रीय प्रभाव भी गहरा होता है। वर्तमान दौर में जब चीन ताइवान, दक्षिण चीन सागर और भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर वैश्विक सुर्खियों में है, तब सेना में फेरबदल का संदेश सीधे अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचता है।ॉ

वही, सेंट्रल थिएटर कमांड चीन के सैन्य ढांचे में सबसे अहम भूमिका निभाता है। यह बीजिंग की सुरक्षा, राष्ट्रीय राजधानी के आसपास के क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों की जिम्मेदारी संभालता है। ऐसे में इसके कमांडर की अनुपस्थिति और संभावित बदलाव का संकेत केवल एक प्रशासनिक फेरबदल नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

बता दें कि. चीनी सेना में जनरल वांग कियांग की गैरमौजूदगी और लेफ्टिनेंट जनरल हान शेंगयान की अप्रत्याशित भूमिका ने यह संकेत दे दिया है कि शी जिनपिंग निकट भविष्य में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। यह बदलाव केवल सैन्य नेतृत्व का नहीं बल्कि पूरे राजनीतिक-सैन्य समीकरण का हिस्सा है।

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