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कनाडा ने अमेरिका के कहने पर मेक्सिको जा रही एक चीनी महिला को गिरफ्तार कर लिया। उस पर आरोप लगा कि वह एक अमेरिकी बैंक को गलत जानकारी देकर ईरान के साथ बिजनेस कर रही है।

यह महिला कोई आम चीनी नागरिक नहीं बल्कि चीन की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी हुआवे के मालिक रेन झेंगफेई की बेटी मेंग वानझोउ थी। मेंग की गिरफ्तारी से चीन बेहद नाराज हो गया और उसने अंजाम भुगतने की धमकी दी।

मेंग को अमेरिका भेजने की कोशिश हो ही रही थी कि 10 दिसंबर को चीन ने कनाडा के दो नागरिक माइकल कोवरिग और माइकल स्पारोव को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

मेंग की गिरफ्तारी के पीछे की असल वजह अमेरिका और चीन के बीच चल रहा ट्रेड वॉर था। इस जंग में ट्रूडो फंस गए थे।

कनाडा ने अमेरिका के कहने पर मेक्सिको जा रही एक चीनी महिला को गिरफ्तार कर लिया। उस पर आरोप लगा कि वह एक अमेरिकी बैंक को गलत जानकारी देकर ईरान के साथ बिजनेस कर रही है।

यह महिला कोई आम चीनी नागरिक नहीं बल्कि चीन की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी हुआवे के मालिक रेन झेंगफेई की बेटी मेंग वानझोउ थी। मेंग की गिरफ्तारी से चीन बेहद नाराज हो गया और उसने अंजाम भुगतने की धमकी दी।

मेंग को अमेरिका भेजने की कोशिश हो ही रही थी कि 10 दिसंबर को चीन ने कनाडा के दो नागरिक माइकल कोवरिग और माइकल स्पारोव को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

मेंग की गिरफ्तारी के पीछे की असल वजह अमेरिका और चीन के बीच चल रहा ट्रेड वॉर था। इस जंग में ट्रूडो फंस गए थे।

अमेरिकी कंपनियों की नकल करती थीं चीनी कंपनियां

डोनाल्ड ट्रम्प 2017 में पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने। ट्रम्प ने चुनाव में वादा किया था कि वो चीन के साथ व्यापार घाटा कम करेंगे।

ट्रम्प जब राष्ट्रपति बने तब अमेरिका का चीन के साथ व्यापार घाटा 355 अरब डॉलर था। उसी साल अगस्त में ट्रम्प ने चीन पर बौद्धिक संपदा की चोरी यानी अमेरिकी कंपनियों के उत्पादों की नकल करने का आरोप लगाया और इसकी जांच शुरू करवाई।

ट्रम्प ने ट्रेड वॉर की शुरुआत जनवरी 2018 में सौलर पैनल पर 30% और वॉशिंग मशीन पर 20 से 50% टैरिफ लगाकर की। इसके बाद ट्रम्प ने स्टील पर 25% और एल्यूमीनियम पर 10% टैरिफ लगाया।

ये सभी देशों पर लागू किए गए, लेकिन इनका सबसे ज्यादा असर चीन पर पड़ा। चीन इनका बड़ा आपूर्तिकर्ता था। 2018 में अमेरिका का चीन के साथ व्यापार घाटा बढ़कर 419 अरब डॉलर हो

22 मार्च 2018 को अमेरिकी कंपनियों की नकल से जुड़ी जांच की रिपोर्ट भी आ गई। इसमें पाया गया कि चीन की नीतियां अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचा रही है।

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