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समाचार मिर्ची

नई दिल्ली । किसानों के लिए सरकारी योजनाओं का फायदा लेना अब पहले के मुकाबले ज्यादा डिजिटल हो रहा है। इसी कड़ी में Farmer ID यानी किसान पहचान पत्र तैयार किया जा रहा है। यह एक डिजिटल पहचान है जिसमें किसान की खेती, जमीन और दूसरी जरूरी जानकारी को एक जगह जोड़ा जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार डॉक्यूमेंट जमा करने की परेशानी कम हो सकती है। Farmer ID के जरिए सरकार किसानों की सही पहचान कर उन्हें स्कीम, सब्सिडी, फसल बीमा और दूसरी सुविधाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बना रही है।

यहां यह बता दें कि, Farmer ID बनवाने के लिए सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट आधार कार्ड होता है, क्योंकि किसान की पहचान को इससे लिंक किया जाता है। इसके अलावा आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर भी जरूरी हो सकता है, क्योंकि रजिस्ट्रेशन के दौरान OTP वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ती है। किसान के पास जमीन से जुड़े रिकॉर्ड जैसे खसरा नंबर, खतौनी या अन्य लैंड रिकॉर्ड की जानकारी भी होनी चाहिए। कई जगहों पर बैंक अकाउंट की जानकारी, पासबुक, फोटो और निवास से जुड़े डॉक्यूमेंट भी मांगे जा सकते हैं। अगर किसान किराए की जमीन पर खेती करता है या पट्टे पर खेती कर रहा है, तो कुछ राज्यों में उससे जुड़े डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ सकती है। अलग-अलग राज्यों में रजिस्ट्रेशन का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य के किसान रजिस्ट्री पोर्टल या कृषि विभाग की जानकारी जरूर चेक करें।

आखिर में बता दें कि, Farmer ID बनवाने के लिए किसान ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रोसेस में राज्य के Farmer Registry पोर्टल, जिसे एग्रीस्टेक पोर्टल भी कहते हैं, उस पर जाकर मोबाइल नंबर और OTP के जरिए रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इसके बाद किसान को अपनी पर्सनल जानकारी, आधार डिटेल और जमीन से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। जिन किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी होती है, वे नजदीकी CSC सेंटर, कृषि विभाग के कैंप या संबंधित सरकारी कार्यालय की मदद ले सकते हैं। आवेदन जमा होने के बाद जानकारी का वेरिफिकेशन किया जाता है और अप्रूवल मिलने पर Farmer ID जारी की जाती है।Farmer ID का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रोसेस आसान हो सकती है। इस डिजिटल पहचान के जरिए पीएम किसान, फसल बीमा योजना, एमएसपी पर खरीद, कृषि लोन और दूसरी सरकारी सुविधाओं का फायदा पहुंचाने में मदद मिलती है। किसानों को ध्यान रखना चाहिए कि रजिस्ट्रेशन के दौरान दी गई सभी जानकारी सही होनी चाहिए। आधार, मोबाइल नंबर और जमीन के रिकॉर्ड में किसी तरह की गलती होने पर प्रोसेस में देरी हो सकती है।

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