नई दिल्ली।गेहूं की कटाई के बाद खेत खाली होने पर किसान अब आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को अपनाने का मौका ले सकते हैं। उद्यान विभाग ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम लगवाने पर किसानों को 90% तक की सब्सिडी दे रहा है। इससे किसानों को अपनी जेब से बहुत कम खर्च करना पड़ता है।सरकार का फोकस ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ पर है। ड्रिप सिस्टम पानी को सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है, जिससे पानी और खाद की बर्बादी कम होती है। स्प्रिंकलर सिस्टम ढलान वाली जमीन या रेतीली मिट्टी के लिए उपयुक्त है, जहां पानी का छिड़काव बारिश की तरह होता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को उद्यान विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और जमीन के कागजात जैसे खतौनी व एलपीसी आवश्यक हैं। आवेदन पहले आओ पहले पाओ के आधार पर स्वीकार किए जा रहे हैं। सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आएगी।इस सिस्टम से सिंचाई पर मजदूरी का खर्च आधा रह जाता है, खरपतवार कम होते हैं और उत्पादन में 30 से 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। गेहूं कटाई के बाद यह समय इंस्टॉलेशन के लिए उपयुक्त है।
कुल मिलाकर, गेहूं की कटाई के बाद खेतों को खाली छोड़ने के बजाय यदि किसान इस समय का सही उपयोग करते हुए आधुनिक सिंचाई प्रणालियों को अपनाते हैं, तो वे न केवल अपनी लागत कम कर सकते हैं, बल्कि उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि कर सकते हैं। सरकार द्वारा दी जा रही 90 प्रतिशत सब्सिडी इस दिशा में एक बड़ा प्रोत्साहन है, जिसका लाभ उठाकर किसान अपने भविष्य को और अधिक सुरक्षित और समृद्ध बना सकते हैं।
